पटना का शंभू गर्ल्स हॉस्टल इन दिनों सुर्खियों में है. इसी हॉस्टल में रहने वाली नीट की छात्रा की रहस्यमयी मौत के बाद मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है. पहले पुलिस के बयानों में विरोधाभास सामने आया और फिर मृतका के परिजनों ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी कमान आईजी जितेंद्र कुमार राणा खुद संभाल रहे हैं. आईजी के नेतृत्व में SIT की टीम, पटना एसपी कार्तिकेय शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची और पूरे परिसर की दोबारा सघन जांच की गई.
जांच के दौरान टीम उस वक्त हैरान रह गई, जब हॉस्टल के कई कमरों के दरवाजों पर आपत्तिजनक और गंदे शब्द लिखे मिले. इसके अलावा हॉस्टल परिसर में कई संदिग्ध सामान भी नजर आए. पांच मंजिला इस इमारत में लिफ्ट, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं देखकर अधिकारी भी चौंक गए.
पटना पुलिस ने एम्स से दोबारा मांगी रिपोर्ट
मृतका के परिजनों का आरोप है कि इसी हॉस्टल में छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया था. शुरुआत में पुलिस ने इस आरोप को नकार दिया था, लेकिन परिजनों के लगातार विरोध और प्रदर्शन के बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर पीएमसीएच और एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों की राय में विरोधाभास सामने आने के बाद अब पटना पुलिस ने एम्स से दोबारा रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं.
अब हॉस्टल पूरी तरह खाली
जांच के दौरान हॉस्टल को पूरी तरह खाली करा दिया गया है. फिलहाल वहां कोई भी छात्रा मौजूद नहीं है, हालांकि कमरों में कपड़े और अन्य सामान जस के तस पड़े हुए हैं. जब मीडिया ने अपने स्तर पर हॉस्टल की पड़ताल शुरू की, तो चित्रगुप्त नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पत्रकारों को वहां से हटने को कहा. सवाल पूछने पर पुलिसकर्मी जवाब देने से बचते नजर आए.
आईजी जितेंद्र कुमार राणा ने मीडिया से संक्षेप में कहा कि मामले की जांच जारी है, SIT का गठन कर दिया गया है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा. शंभू गर्ल्स हॉस्टल को लेकर उठ रहे ये सवाल अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं.
राजेश कुमार झा