मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर अंचल से सरकारी जमीनों के बड़े घोटाले का मामला सामने आया है. जांच में पता चला कि बियाडा की 16.86 एकड़ सरकारी भूमि को नियमों को ताक पर रखकर निजी व्यक्तियों के नाम ऑनलाइन जमाबंदी कर दी गई. अंचल कार्यालय के रिकॉर्ड में इस जमाबंदी से जुड़े कोई भी वैध दस्तावेज या आदेश मौजूद नहीं हैं.
जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि 7 मई 2025 को मौजा बरियारपुर की 9.56 और 7.30 एकड़ भूमि दो अलग-अलग लोगों के नाम दर्ज कर दी गई. इनमें से 9 एकड़ भूमि पुराने रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं थी, जबकि शेष 7 एकड़ की जमाबंदी भी संदिग्ध पाई गई.
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अंचलाधिकारी पर अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा
जांच में प्रथम दृष्टया राजस्व कर्मचारी नागेंद्र प्रसाद ठाकुर की संलिप्तता पाई गई, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. वहीं तत्कालीन अंचलाधिकारी रुचि कुमारी (जिनका स्थानांतरण हो चुका है) के खिलाफ भी अनुशासनिक कार्रवाई की सिफारिश भूमि एवं राजस्व विभाग को भेजी गई है.
जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि हाल ही में मोतीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने बाउंड्री वॉल निर्माण रोक दिया था और संदिग्ध कागजात प्रस्तुत किए थे. इसके बाद कराई गई जांच में अवैध जमाबंदी का पूरा खेल सामने आया.
जमाबंदी रद्द कराने का प्रस्ताव और सख्त कार्रवाई का ऐलान
डीएम सुब्रत सेन ने स्पष्ट किया कि दोनों अवैध जमाबंदियों को रद्द कराने का प्रस्ताव अंचल अधिकारी को अपर समाहर्ता के न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है. एक जमाबंदी का प्रस्ताव पहले ही आ चुका है, जबकि दूसरे की प्रक्रिया चल रही है.
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी जमीन की लूट और राजस्व व्यवस्था में भ्रष्टाचार किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त और विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि जो भी मामलों में अनुशासनिक कार्रवाई जरूरी होगी, उसे पूरी विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत किया जाएगा.
भविष्य में पैनी नजर और सख्त सतर्कता
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मोतीपुर अंचल की सभी सरकारी जमीनों पर पैनी नजर रखी जाएगी. अवैध कब्जा और संदिग्ध जमाबंदी की पूरी तरह से जांच की जाएगी. यदि कोई भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसे तुरंत खाली कराने की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि राज्य की राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता और कानून का पालन हर हाल में होगा.
मणि भूषण शर्मा