'कम से कम 25 सीट पर लड़ेंगे...', बिहार चुनाव में एक साल, लेकिन मांझी ने अभी ही ठोक दी ताल

बिहार विधानसभा चुनाव में अभी 1 साल से ज्यादा का वक्त बचा हुआ है लेकिन जीतन राम मांझी ने एनडीए में 25 सीटों पर अपना दावा ठोंक दिया है. मांझी ने कहा कि इस बार वो कम से कम 25 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे लेकिन उनकी तैयारी 75 से 100 सीटों पर है. उन्होंने एक दिन पहले ही नीतीश कुमार पर अपनी पार्टी को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया था.

Advertisement
मांझी ने विधानसभा चुनाव के लिए मांगी 25 सीटें मांझी ने विधानसभा चुनाव के लिए मांगी 25 सीटें

aajtak.in

  • पटना,
  • 21 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 2:28 PM IST

बिहार में विधानसभा चुनाव में अभी एक साल से ज्यादा का वक्त बाकी है लेकिन एनडीए के दलों में सीटों के बंटवारे को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है. पहले नीतीश पर दिए बयान और अब सीटों की मांग को लेकर मांझी ने बिहार की राजनीति को गरमा दिया है. मांझी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अभी से 25 सीटों पर अपना दावा ठोक दिया. 

Advertisement

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मांझी ने एनडीए के दो सबसे बड़े दल बीजेपी और जेडीयू को साफ संदेश दे दिया है कि इस बार वो 25 से कम सीटों पर नहीं मानेंगे. मांझी ने कहा, '2025 में कम से कम 25 सीटों पर हम जरूर लड़ेंगे और इसके लिए हमारी पार्टी की तैयारी 25 नहीं 75 से 100 सीटों पर है. जहां हम गठबंधन में लोगों को मदद करेंगे. आज हमारी पहचान इसलिए बनी है क्योंकि जहां हम नहीं भी गए हैं वहां हमारे कार्यकर्ताओं ने गठबंधन धर्म का निर्वहन करते हुए 100 फीसदी वोटिंग की है. इसी प्रकार से जब हम वोट करेंगे तभी ना उनके वोटर हमें वोट करेंगे इसलिए हमने कम से कम 25 सीटों का लक्ष्य रखा है. हम 25 सीट पर जरूर लड़ेंगे और अगर आगे भी सीट मिलेगा तो जरूर लड़ेंगे लेकिन हम तैयारी 100 सीटों पर कर रहे हैं ताकि हम दूसरों को भी मदद कर सकें.'

Advertisement

एनडीए के शीर्ष नेता लेंगे सीटों पर फैसला: जेडीयू

वहीं एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर मांझी की मांग पर जेडीयू ने भी प्रतिक्रिया दी है. जेडीयू के प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि सबको अपनी भावना व्यक्त करने का अधिकार है लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे का फैसला NDA का शीर्ष नेतृत्व मिल बैठकर करेगा.

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री मांझी ने एक कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार पर अपनी पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को तोड़ने की कोशिश का आरोप लगाया था. जीतन राम मांझी ने कहा कि जब वो महागठबंधन में थे तो नीतीश कुमार ने उन्हें अपनी पार्टी का विलय करने के लिए कहा था.

मांझी ने कहा इससे इनकार करने पर उन्हें गठबंधन से बाहर जाने का फरमान दे दिया गया और कहा गया कि वो पार्टी कैसे चलाएंगे इसलिए पैसे और लोगों की जरूरत होती है. मांझी ने इसके बाद कहा अब उनकी पार्टी न सिर्फ चल रही है बल्कि दौड़ रही है और अपने बेटे के साथ ही वो भी केंद्र में मंत्री बन चुके हैं. मांझी के इस बयान को लेकर जेडीयू ने कहा है कि मांझी के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है वहीं बीजेपी ने कहा है कि कोई भी पार्टी बनती है तो वो चलती ही है.

Advertisement

2020 में 7 सीटों पर लड़ी थी मांझी की पार्टी

बता दें कि बिहार विधानसभा 2020 में भी मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा एनडीए में शामिल थी. 2020 में 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में जेडीयू बड़े भाई के तौर पर 122 सीटें पर चुनाव लड़ी थी जबकि बीजेपी ने 121 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. बीते विधानसभा चुनाव में मांझी की पार्टी को 7 सीटें मिली थीं. जेडीयू ने ये सीटें अपने कोटे से जीतन राम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को दी थी.

 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement