'10 साल में दरभंगा AIIMS के मुख्य गेट का पिलर बना...' कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला

दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस का आरोप है कि 10 साल बाद भी एम्स के नाम पर सिर्फ मुख्य गेट का पिलर बना है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया. स्थानीय लोगों और छात्र संगठनों ने भी नाराजगी जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है.

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इसी गेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है (Photo X @ INCIndia) इसी गेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है (Photo X @ INCIndia)

रोहित कुमार सिंह

  • दरभंगा ,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:17 AM IST

दरभंगा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण कार्य को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर दरभंगा एम्स में अब तक बने केवल मेन गेट के पिलर की तस्वीर साझा करते हुए का आरोप है कि 10 साल बीत जाने के बावजूद दरभंगा एम्स के नाम पर जमीन पर केवल मुख्य गेट ही बन पाया है, जबकि इलाज शुरू होने के सरकारी दावे पूरी तरह झूठे हैं.

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कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लगातार झूठ बोलते रहे हैं और दरभंगा एम्स इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. असित नाथ तिवारी ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने कई मंचों से कहा कि दरभंगा एम्स में इलाज हो रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि वहां सिर्फ एक गेट खड़ा है. कांग्रेस ने आज जनता के सामने सच्चाई रख दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि मिथिला की जनता को सिर्फ जुमलों के सहारे बहलाया गया है और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरत पर भी राजनीति की जा रही है.

स्थानीय लोगों में भी एम्स को लेकर भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है. दरभंगा निवासी अविनाश भारद्वाज ने कहा कि 10 साल बीत जाने के बाद भी एम्स का सपना अधूरा है. दरभंगा निवासी अविनाश भारद्वाज ने कहा, पूरे 10 साल में सिर्फ एम्स का गेट बन पाया है. दरभंगा में बीजेपी का ही सांसद और विधायक हैं, फिर भी काम आगे नहीं बढ़ रहा. लगता है कि एम्स बनने में अब अगला 10 साल और लग जाएगा. उन्होंने इसे मिथिला के लोगों के साथ विश्वासघात बताया. वहीं मिथिला स्टूडेंट यूनियन के नेता गोपाल चौधरी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए. गोपाल चौधरी ने कहा, 10 साल बाद सच्चाई यह है कि दरभंगा एम्स में केवल गेट तैयार हुआ है. सरकार जानबूझकर एम्स को लटका कर रखना चाहती है. मिथिला के लोगों के स्वास्थ्य के साथ मजाक किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो छात्र और युवा आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

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नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों और कड़ी मेहनत से पूरे 10 साल बाद खेतों के बीच👇

दरभंगा AIIMS के गेट के 'पिलर' बनकर तैयार हो गए हैं.

जल्द ही नरेंद्र मोदी इस गेट का उद्घाटन करेंगे. बिहारवासियों को ढेर सारी शुभकामनाएं. pic.twitter.com/AvGc3Y21tj

— Congress (@INCIndia) January 27, 2026

दरभंगा एम्स को लेकर उठे इस नए विवाद ने एक बार फिर केंद्र सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के फर्क को उजागर कर दिया है. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इस पर जवाब देगी और एम्स का निर्माण वास्तव में कब शुरू होगा, या फिर मिथिला की जनता को यूं ही इंतजार करना पड़ेगा. बता दें कि, बिहार में पटना के बाद दूसरा एम्स का निर्माण दरभंगा में चल रहा है. 2015 के फरवरी में केंद्र सरकार ने दरभंगा में एम्स बनाने का ऐलान किया था और 2020 में इस प्रस्ताव को पारित किया गया और 13 नवंबर 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दरभंगा जाकर अस्पताल निर्माण के कार्य का शिलान्यास किया था. 1264 करोड़ की लागत से दरभंगा में एम्स का निर्माण 187 एकड़ भूमि पर हो रहा है.
 

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