रेल बजट में बिहार को बड़ी सौगात मिली है. इस बार के बजट में बिहार के लिए रेलवे विकास के लिए 10 हजार 379 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है. रेल मंत्री की प्रेस ब्रीफिंग के बाद ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने हाजीपुर जोनल कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेल बजट में बिहार को मिली सौगातों की जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में बिहार में रेल बजट में करीब 9 गुना बढ़ोतरी हुई है. साल 2009 से 2014 के दौरान बिहार में रेलवे विकास के लिए औसतन 1,132 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष आवंटित किए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब 10,379 करोड़ रुपये कर दिया गया है.
11 साल में 2000 KM नई रेल लाइन
उन्होंने बताया कि पिछले 11 सालों में बिहार में करीब 2000 किलोमीटर नई रेलवे लाइन बिछाई गई है, जिससे राज्य में रेल कनेक्टिविटी मजबूत हुई है. रेलवे नेटवर्क के विस्तार से यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग को भी फायदा मिलेगा.
सरकार के दीर्घकालिक विजन के तहत पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाने की घोषणा की गई है. इनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर प्रमुख हैं.
रेल बजट में 9 गुना बढ़ोतरी
बताया गया कि वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक बनने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यात्रा समय में भारी कमी आएगी. इस रूट पर यात्रा लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे यात्रियों को बिना रुकावट यात्रा सुविधा मिल सकेगी. रेलवे का कहना है कि बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा.
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