Bihar: फ्लोर टेस्ट में होगा खेला! बोधगया में BJP विधायकों की 'ट्रेनिंग', JDU की लंच पॉलिटिक्स... RJD का ये प्लान

बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार 12 फरवरी को सदन में फ्लोर टेस्ट का सामना करेगी. फ्लोर टेस्ट से पहले बीजेपी, आरजेडी तथा जेडीयू अपने-अपने विधायकों पर नजर रखे हुए हैं. बीजेपी ने जहां विधायकों के लिए ट्रेनिंग सत्र रखा है तो वहीं जेडीयू ने मंत्री के घर पर विधायकों के लिए लंच रखा है.

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बिहार में 12 फरवरी को होगा फ्लोर टेस्ट बिहार में 12 फरवरी को होगा फ्लोर टेस्ट

आदित्य वैभव

  • पटना,
  • 10 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नवगठित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार 12 फरवरी को बजट सत्र के पहले दिन विश्वास मत हासिल करेगी. मंगलवार को होने वाले इस फ्लोर टेस्ट से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं. बीजेपी ने अपने विधायकों को दो दिन के लिए बोधगया बुलाया है. प्रशिक्षण शिविर के बहाने बीजेपी 11 फरवरी तक अपने विधायकों को बोधगया में रखेगी.

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जेडीयू ने विधायकों के लिए रखा लंच

वहीं जेडीयू ने आज अपने विधायकों को मंत्री श्रवण कुमार के आवास पर लंच के लिए बुलाया हैं. जेडीयू अपने विधायकों पर नजर बनाए रखना चाहती है. दूसरी तरफ लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के विधायकों की आज 3 बजे से तेजस्वी यादव के आवास पर मीटिंग होनी हैं. आरजेडी ने अपने विधायकों को 12 फरवरी के दिन सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया है. वहीं  कांग्रेस के विधायक अभी भी हैदराबाद में हैं और 16 विधायक 11 फरवरी को पटना पहुंचेंगे.

मांझी को मनाने के प्रयास जारी

उधर फ्लोर टेस्ट के पहले एनडीए में HUM नेता जीतनराम मांझी को मनाने के प्रयास जारी है.सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि मांझी को राज्यसभा भेजा जा सकता है. दरअसल मांझी नीतीश कैबिनेट में एक और मंत्री पद की मांग कर रहे हैं जबकि उनके बेटे को ही सरकार में मंत्री बनाया गया है. बिहार की 6 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो रहा है जिसमें से एनडीए की तीन सीटों में से एक सीट पर मांझी को राज्यसभा में भेजा जा सकता है.

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28 जनवरी को ली थी नीतीश ने शपथ

आपको बता दें कि जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने 28 जनवरी को नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. कुमार ने महागठबंधन और विपक्षी गुट ‘इंडिया’ से नाता तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ एक नयी सरकार बनाई है.नए विधानसभाध्यक्ष का चुनाव भी 12 फरवरी को निर्धारित है और इसी दिन राज्य आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अवध बिहारी चौधरी के स्थान पर नए विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा.

बजट जो पहले 12 फरवरी को पेश किया जाना था, अब एक दिन बाद पेश किया जाएगा. सत्र 11 कार्य दिवस के बाद एक मार्च को समाप्त हो जाएगा. यह एक हंगामेदार बजट सत्र होने की संभावना है क्योंकि राजग ने (राजद के) विधानसभाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिन्होंने अब तक इस्तीफा नहीं दिया है.

 बिहार विधानसभा का नंबर गेम

राजद- 79, बीजेपी- 78 विधायक, जद(यू)- 45, कांग्रेस- 19, सीपीआई (एम-एल)- 12, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा- 4, सीपीआई- 2, सीपीआई (एम)- 2, एआईएमआईएम- 1 और 2 निर्दलीय. नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा के पास कुल मिलाकर 123 विधायक हैं. यह सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत के आंकड़े 122 से केवल एक अधिक है.

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भाजपा को हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) का भी समर्थन प्राप्त है, जिसके 4 विधायक हैं. एनडीए को एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन प्राप्त है. इस तरह बीजेपी-जदयू नीत गठबंधन के पास 128 विधायक हैं और NDA आसानी से बहुमत साबित करने की स्थिति में है.

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