बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक क्रांतिकारी कदम उठाने की घोषणा की है. तकनीकी सेवा और संचार विभाग के ADG अमित लोढ़ा ने जानकारी दी है कि अब बिहार के पार्कों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर 'पैनिक बटन' लगाए जाएंगे. यह कदम खास तौर से उन लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाया गया है जिन्हें पार्कों में मनचलों की अभद्रता का सामना करना पड़ता है.
पुलिस के अनुसार, यदि किसी पार्क में कोई मनचला किसी लड़की को परेशान करता है, तो पीड़ित लड़की को केवल वहां लगे पैनिक बटन को 'पुश' करना होगा. बटन दबते ही इसकी सूचना सीधे डायल 112 के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी. जैसे ही कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलेगा, पास में गश्त कर रही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंचेगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी.
11 मिनट का 'रिस्पॉन्स टाइम'
ADG अमित लोढ़ा ने ERSS (Emergency Response Support System) की उपलब्धियों को शेयर करते हुए बताया कि बिहार पुलिस अपनी महिला सदस्यों के जरिए प्रदेशवासियों को रिकॉर्ड समय में सहायता पहुंचा रही है. डायल 112 की टीम अब औसतन सिर्फ 11 मिनट में पीड़ितों तक पहुंच रही है. ERSS कंट्रोल रूम में कार्यरत महिला पुलिसकर्मी न सिर्फ कॉल रिसीव कर रही हैं, बल्कि क्विक रिस्पांस सुनिश्चित कर राहत भी पहुंचा रही हैं. अगले दो महीनों के भीतर डायल 112 में पुलिसकर्मियों और संसाधनों की संख्या और बढ़ाई जाएगी, ताकि रिस्पॉन्स टाइम को और भी कम किया जा सके.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आदेश
ADG अमित लोढ़ा ने साफ किया कि पुलिस विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस आदेश को तेजी से जमीन पर उतारने में जुटा है, जिसमें महिलाओं को हर हाल में पूर्ण सुरक्षा प्रदान करने की बात कही गई है. आगामी 48 घंटों में अपराधियों को जवाब देने के सख्त लहजे के बाद अब यह तकनीकी अपडेट अपराधियों के मन में खौफ पैदा करने के लिए काफी है.
ADG अमित लोढ़ा ने कहा, "अब बिहार में मनचलों की खैर नहीं होगी. पार्कों में पैनिक बटन लगने के बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंचकर तुरंत मनचले का 'इलाज' कर देगी. हमारा लक्ष्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाना है."
सुजीत झा