बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद बेहिसाब मात्रा में शराब की जब्ती हुई. वहीं इस मामले में लाखों लोगों को गिरफ्तार किया गया. इसकी जानकारी राज्य के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बुधवार को विधान परिषद में दी. उन्होंने बताया कि पिछले नौ सालों में अब तक 4.5 करोड़ लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई है और 16 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
मंत्री ने खुलासा किया कि शराब के साथ-साथ 15,800 किलोग्राम गांजा और लगभग 240 किलोग्राम अफीम भी बरामद हुई है. इसके अलावा 350 किलोग्राम चरस और लगभग 40,000 लीटर कफ सिरप भी जब्त किया गया है.
बजट सत्र के दौरान 'शून्य काल' में जेडीयू एमएलसी रविंद्र प्रसाद सिंह ने थिनर और एडहेसिव (गोंद) जैसे पदार्थों के नशे के बढ़ते चलन पर चिंता जताई थी. उन्होंने सरकार से इसे रोकने के लिए अहम कदम उठाने के लिए कहा था.
4.5 करोड़ लीटर शराब नष्ट, 16 लाख लोग गिरफ्तार
रविंद्र प्रसाद सिंह के उठाए गए मुद्दे का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, सरकार शराब और नशीले पदार्थों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. लेकिन ये सच है कि बच्चों में नशीले पदार्थों के सेवन में कुछ बढ़ोतरी हुई है. 2016 से 31 दिसंबर 2025 तक 10 लाख मामले दर्ज किए गए हैं, 4.5 करोड़ लीटर शराब जब्त की गई है, 16 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 1.6 लाख गाड़ियां भी जब्त हुई हैं.'
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बॉर्डर पर बनाए गए कई नए चेकपोस्ट
सारण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले वीरेंद्र नारायण यादव ने बताया कि उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर दर्जनों शराब की दुकानें खुल गई हैं, जहां से नशीले पदार्थ बिहार में आते हैं. इस पर चौधरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश सीमा पर अब तक 22, पश्चिम बंगाल सीमा पर 8, झारखंड सीमा पर 19 और नेपाल सीमा पर 17 चेकपोस्ट बनाए गए हैं.
चौधरी इन सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे और ब्रीथ एनालाइजर (सांस की जांच करने वाली मशीन) के मौजूद होने का भी दावा किया. उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा पर लगातार छापेमारी अभियान भी जारी है.
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आरजेडी एमएलसी सैयद फैसल अली ने बिहार में पर्याप्त संख्या में नशामुक्ति केंद्र होने पर जोर दिया. जबकि, भाकपा (माले) के एमएलसी शशि यादव ने इन नशामुक्ति केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता और समय-समय पर निरीक्षण की बात कही.
नशामुक्ति को लेकर फैलाई जा रही जागरूकता
मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि कला जत्था, बैनर, पोस्टर, सोशल मीडिया और मैराथन के जरिए लोगों में नशामुक्ति को लेकर लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है. उन्होंने दावा किया कि भविष्य में बड़े संस्थानों और विश्वविद्यालयों में इसके लिए लेक्चर सीरीज भी आयोजित कराए जाएंगे.
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