दिल्ली के बाद अब महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भी बिहार भवन का निर्माण किया जाएगा. बिहार सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत योजना तैयार कर ली है. भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मुंबई के एलिफिंस्टन एस्टेट, मुंबई पोर्ट ट्रस्ट क्षेत्र में बिहार भवन का निर्माण किया जाएगा. इस परियोजना को राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 314 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है.
प्रस्तावित बिहार भवन बेसमेंट सहित लगभग 30 मंजिला होगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेगा. इसकी ऊंचाई जमीन से करीब 69 मीटर होगी और यह लगभग 0.68 एकड़ भूमि पर निर्मित किया जाएगा. भवन में कुल 178 कमरे बनाए जाएंगे, जो सरकारी अधिकारियों, अतिथियों और जरूरतमंद लोगों के उपयोग में आएंगे.
यह भी पढ़ें: बिहार के राजस्व अधिकारी सप्ताह में दो दिन करेंगे जन सुनवाई, सिस्टम को पारदर्शी बनाने में जुटी नीतीश सरकार
इस बिहार भवन की एक अहम विशेषता यह होगी कि इसमें इलाज के लिए बिहार से मुंबई आने वाले गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की जाएगी. कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई आने वाले लोगों के लिए 240 बेड की क्षमता वाला डोरमेट्री बनाया जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित और सुलभ आवास मिल सकेगा.
बिहार भवन में और क्या सुविधाएं होंगी?
भवन में सरकारी बैठकों और कार्यक्रमों के लिए 72 सीटों की क्षमता वाला आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल भी विकसित किया जाएगा. इसके अलावा कैफेटेरिया, मेडिकल रूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी. वाहन पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए सेंसर आधारित स्मार्ट ट्रिपल और डबल डेकर पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जिसमें एक समय में 233 वाहनों की पार्किंग संभव होगी.
यह भी पढ़ें: बिहार में अपरधियों पर अब 'आसमान' से रखी जाएगी नजर, हर जिले को मिलेगा ड्रोन
क्यों बनाया जा रहा बिहार भवन?
सचिव कुमार रवि के अनुसार, मुंबई में बिहार भवन का निर्माण राज्य की प्रगति और जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे एक ओर जहां सरकारी कार्यों को सुगमता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर इलाज के लिए मुंबई आने वाले हजारों बिहारवासियों को बड़ी राहत मिलेगी. यह भवन बिहार सरकार की सामाजिक जिम्मेदारी और आधुनिक विकास सोच को भी दर्शाएगा.
रोहित कुमार सिंह