दूल्हा इंजीनियर, दुल्हन बिहार पुलिस में... 30 बैलगाड़ियों से निकली दोनों की बारात, Video

बिहार के पश्चिम चंपारण के बेतिया में एक अनोखी शादी चर्चा का विषय बन गई. जहां आजकल शादियों में लग्जरी कारों और भव्य काफिलों का चलन बढ़ गया है, वहीं यहां एक इंजीनियर दूल्हा करीब 30 बैलगाड़ियों के साथ बारात लेकर दुल्हन के घर पहुंचा. दूल्हा खुद भी कार में नहीं, बल्कि पालकी में बैठकर बारात में शामिल हुआ. इस अनोखी बारात का वीडियो वायरल हो रहा है.

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बैलगाड़ी से निकली बारात. (Photo: Screengrab) बैलगाड़ी से निकली बारात. (Photo: Screengrab)

अभिषेक पाण्डेय

  • बेतिया,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:07 PM IST

आज के दौर में शादियां अक्सर भव्यता, लग्जरी कारों, डीजे और चमक-धमक के लिए जानी जाती हैं. बारात में महंगी गाड़ियों का लंबा काफिला और बड़े-बड़े इंतजाम आम बात हो गई है. लेकिन बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया इलाके में एक ऐसी शादी हुई, जिसने लोगों को पुराने दौर की याद दिला दी. इस अनोखी बारात में न तो लग्जरी कारों का काफिला था और न ही किसी तरह का दिखावा. यहां करीब 30 बैलगाड़ियों पर सवार होकर बारात दुल्हन के घर पहुंची.

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यह खास शादी बेतिया के थरूहट क्षेत्र के हरनाटांड़ इलाके से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित कटैया गांव में हुई. यहां स्व. मनबहाली महतो के बेटे देवशील कुमार की शादी नंद किशोर महतो की बेटी सोनिया के साथ हुई. देवशील कुमार पेशे से इंजीनियर हैं, जबकि सोनिया कुमारी बिहार पुलिस में कार्यरत हैं.

दोनों ने अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए ऐसा तरीका चुना, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. जहां आजकल बारातें लग्जरी गाड़ियों और बड़े काफिलों के साथ निकलती हैं, वहीं इस शादी में परंपरा और सादगी को प्राथमिकता दी गई.

बारात में करीब 30 बैलगाड़ियों की व्यवस्था की गई थी. इन बैलगाड़ियों पर बाराती सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचे. दिलचस्प बात यह रही कि दूल्हा देवशील कुमार ने भी किसी लग्जरी कार या एसयूवी में बैठने की बजाय पालकी में बैठकर बारात निकाली.

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जैसे ही बैलगाड़ियों का यह अनोखा काफिला गांव की सड़कों से गुजरने लगा, आसपास के लोग इसे देखने के लिए घरों से बाहर निकल आए. कई लोग अपने मोबाइल फोन से इस नजारे को रिकॉर्ड करने लगे. बैलगाड़ियों पर सजे बाराती, पारंपरिक अंदाज और माहौल ने लोगों को पुराने समय की याद दिला दी.

यह भी पढ़ें: कौन दिशा में लेके चला रे... 10 बैलगाड़ियों पर निकली डॉक्टर दूल्हे की बारात, बिना DJ-आतिशबाजी हुई अनोखी शादी

बारात में बैलगाड़ियों पर लाउडस्पीकर भी लगाए गए थे, जिन पर पारंपरिक गीत बज रहे थे. इस अनोखी बारात को देखकर लोग हैरान भी थे और खुश भी. गांव के बुजुर्गों ने कहा कि पहले के समय में इसी तरह बैलगाड़ियों से बारात निकला करती थी.

दरअसल, पश्चिम चंपारण के थरूहट क्षेत्र में रहने वाला थारू जनजाति समुदाय अपनी पारंपरिक जीवनशैली के लिए जाना जाता है. यह समुदाय प्रकृति के करीब रहकर अपनी पुरानी संस्कृति और रीति-रिवाजों को आज भी संजोए हुए है.

जहां एक तरफ दुनिया तेजी से आधुनिकता और तकनीक के दौर में आगे बढ़ रही है, वहीं थारू समुदाय अपने पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है. इस शादी में भी उसी परंपरा की झलक साफ दिखाई दी.

9 मार्च को हुई इस शादी का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. लोग इस अनोखी बारात की खूब तारीफ कर रहे हैं.

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सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि आज के समय में ऐसी सादगी और परंपरा बहुत कम देखने को मिलती है. कुछ लोगों ने कहा कि यह बारात देखकर 80 और 90 के दशक की यादें ताजा हो गईं, जब गांवों में इसी तरह बैलगाड़ियों से बारात निकला करती थी. कटैया गांव की यह बारात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.

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