'बैठने की जगह नहीं...', आपको भीतर तक झाखझोर देगा बच्ची का वीडियो, बेतिया में बांसवाड़ी में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल

बेतिया के मझौलिया प्रखंड के कथैया राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भवन न होने के कारण बच्चों को बांसवाड़ी और आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ाई करनी पड़ रही है. 54 नामांकित छात्र और तीन शिक्षक गर्मी व असुविधा के बीच शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं. अभिभावकों ने कई बार अधिकारियों से भवन की मांग की, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है.

Advertisement
विद्यालय में फिलहाल 54 बच्चे नामांकित हैं. (Photo: Screengrab) विद्यालय में फिलहाल 54 बच्चे नामांकित हैं. (Photo: Screengrab)

अभिषेक पाण्डेय

  • बेतिया,
  • 14 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:34 PM IST

शिक्षा व्यवस्था की हकीकत को उजागर करती तस्वीर मझौलिया प्रखंड के लाल सरैया पंचायत स्थित कथैया राजकीय प्राथमिक विद्यालय से सामने आई है. यहां आज भी नौनिहालों को पठन-पाठन के लिए स्कूल भवन नहीं, बल्कि बांसवाड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है.

उमस भरी गर्मी में पढ़ने को मजबूर बच्चे
विद्यालय में फिलहाल 54 बच्चे नामांकित हैं और तीन शिक्षक तैनात हैं. कक्षा 1 से लेकर 5 तक की पढ़ाई यहां होती है, लेकिन भवन के अभाव में बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और बांसवाड़ी में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है. उमस भरी गर्मी और असुविधाजनक माहौल के बीच भी बच्चे शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं.

Advertisement

कई बार अधिकारियों से कहा गया 
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों से विद्यालय भवन निर्माण की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. अभिभावकों का सवाल है कि आखिर कब तक उनके बच्चों को पेड़ और बांसवाड़ी के नीचे पढ़ाई करनी पड़ेगी.

यह तस्वीर केवल एक विद्यालय की नहीं, बल्कि बिहार की जमीनी शिक्षा व्यवस्था की सच्चाई को सामने लाती है. जहां शिक्षा का अधिकार कानून और सरकार की तमाम योजनाओं के बावजूद बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement