बेटे के 'हत्यारे' पिता को उम्रकैद, जमीन बेचने को लेकर खाना खाते हुए काट डाला था गला

बेगूसराय में बेटे की हत्या के मामले में कोर्ट ने पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जमीन विवाद में हुई इस वारदात में पत्नी, बहू और बेटे ने ही आरोपी के खिलाफ गवाही दी. परिवार के ही लोगों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का यह फैसला एक मिसाल बनकर सामने आया है.

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बेटे के 'हत्यारे' पिता को उम्रकैद (Photo: itg) बेटे के 'हत्यारे' पिता को उम्रकैद (Photo: itg)

सौरभ कुमार

  • बेगूसराय ,
  • 30 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:51 AM IST

बिहार के बेगूसराय में खाना खाते समय बेटे की गला रेत कर हत्या करने के आरोपी पिता को उसकी पत्नी, बहू और छोटे बेटे की गवाही पर कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. आरोपी के खिलाफ उसकी पत्नी, बेटा और पुत्रवधू ने न्यायालय में गवाही दी जिसके बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया है जो एक उदाहरण बनकर सामने आया है. 

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गला रेत कर मार डाला था बेटे को

दरअसल, तेघरा थाना क्षेत्र के पीढौली गांव में 9 जून 2019 में खाना खाने के समय आलोक कुमार को उसके पिता सुधीर सिंह ने गला रेत कर मार डाला था. हत्या मामले में कोर्ट ने उसके पिता सुधीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है. जिला प्रधान सत्र न्यायाधीश (जिला जज) ऋषिकांत ने पिता को धारा 302 में दोषी पाकर आजीवन कारावास के साथ 15 हजार जुर्माना की सजा सुनाई है. 

पत्नी और बहू दोनों ने दी गवाही

मृतक की पत्नी आभा कुमारी ने मुकदमा दर्ज कराया था कि जमीन बेचने से रोकने पर ससुर ने मेरे पति को घास काटने वाले कचिया हंसुआ से गला काटकर मार डाला था और सबके सामने फरार हो गए. बाद में 20 जून 2019 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था. लोक अभियोजक संतोष कुमार ने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ऋषिकांत के न्यायालय में सत्र वाद संख्या- 371/21 में आज सजा सुनाई गई है. 

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'जमीनें बेचकर ताड़ी पीते है ससुर'

मृतक की पत्नी आभा कुमारी का कहना था कि ससुर सुधीर कुमार ताड़ी-दारू पीते थे और पीकर के जमीन बेचते थे. इस बात पर उनके परिवार के लोगों ने मना किया और खरीददार को भी जाकर कहा कि आप यह जमीन इनसे मत लिखाइए. 9 जून को आलोक कुमार उर्फ सचिन भूंजा खा रहा था. इसी दौरान सुधीर कुमार ने गला उसकी काटकर हत्या कर दी. सबसे आश्चर्यजनक विषय यह रहा कि इस हत्या के मामले में मृतक की मां  नूतन देवी ने भी साक्ष्य दिया और अपने पति पर आरोप लगाया कि मेरे पति ने ही हत्या किया है. 

'हत्या मेरे पति ने ही की'

मृतक के संगे भाई एवं पड़ोसी ने भी आरोप लगाया कि सुधीर ने ही अपने पुत्र की हत्या की है. कोई भी आदमी मुकदमे में फंसता है, तो देखते हैं उसके परिवार के लोग उसको बचाने के लिए पूरी शक्ति लगा देते हैं. यहां देखा गया कि इस केस में अभियुक्त की पत्नी ने भी उसी के विरुद्ध गवाही देकर कहा कि हां इन्होंने ही हत्या की  है.सभी गवाहों के बयान और साक्ष्य के आधार पर न्यायालय द्वारा धारा-302 में आजीवन कारावास की सजा दी गई.  

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