सोशल मीडिया पर वर्दी में वीडियो बनाना महिला सिपाही प्रिया कुमारी को भारी पड़ गया. सस्पेंड होने के बाद अब उन्होंने फेसबुक पर एक भावुक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी है. वीडियो में प्रिया कहती हैं, 'सोशल मीडिया पर न जाने कितने लोग वीडियो बनाते हैं, लेकिन कार्रवाई उसी पर होती है जो पकड़ में आता है. मैं मिडिल क्लास परिवार से हूं, मेरा मकसद बस इतना था कि पुलिस में आने वाले युवाओं को मोटिवेट कर सकूं.'
अपनी सफाई में प्रिया ने यह भी कहा कि उन्होंने कभी भी वर्दी में वीडियो नहीं बनाई. लेकिन अब गलती मानते हुए कैमरे के सामने कान पकड़कर कहती हूं, अब कभी भी वर्दी में वीडियो नहीं बनाऊंगी.
प्रिया का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. पुलिस विभाग ने फिलहाल उन्हें सस्पेंड कर दिया है और जांच के आदेश दिए हैं. मामला अब सोशल मीडिया पर सख्ती बनाम अभिव्यक्ति की आजादी की बहस में बदलता दिख रहा है.
वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड
बगहा एसपी सुशांत कुमार सरोज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर महिला सिपाही द्वारा वर्दी में बनाए गए एक वीडियो के वायरल होने के बाद इसकी जांच कराई गई थी.
जांच में वीडियो सही पाए जाने पर महिला सिपाही प्रिया कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. एसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. प्रिया बगहा नगर थाना में तैनात थीं.
पहले भी सोशल मीडिया को लेकर फंसी थीं प्रिया कुमारी
यह पहली बार नहीं है जब महिला सिपाही प्रिया कुमारी को सोशल मीडिया एक्टिविटी की वजह से विभागीय कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी उन्हें वीडियो बनाने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है. इसके बावजूद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता बरकरार रखी.
पुलिस विभाग में इस तरह की घटनाएं न सिर्फ अनुशासनात्मक नियमों को चुनौती देती हैं, बल्कि वर्दी की गरिमा पर भी सवाल खड़े करती हैं. अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ड्यूटी के दौरान रील बनाने की छूट उन्हें किसने दी?
अभिषेक पाण्डेय