चीनी कंपनियों को मिली अपने ही मार्केट में मात, सबसे ज्यादा इस कंपनी ने बेची कारें

चीनी मार्केट की शक्ल लगभग दो साल बाद बदल गई है. 2024 में BYD ने फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ा था और 2025 में भी कंपनी चीनी मार्केट की टॉप कार सेलिंग ब्रांड बनी रही. हालांकि, 2026 की शुरुआत कुछ अलग हुई है. फॉक्सवैगन दोबारा चीनी मार्केट में टॉप सेलिंग ब्रांड बन गया है. कंपनी ने तमाम चीनी ब्रांड्स को पीछे छोड़ दिया है.

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ID.UNYX 08 को फॉक्सवैगन ग्रुप चीन में बनाता और बेचता है. (Photo: VW China) ID.UNYX 08 को फॉक्सवैगन ग्रुप चीन में बनाता और बेचता है. (Photo: VW China)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

2026 की शुरुआत जर्मन ब्रांड फॉक्सवैगन के लिए अच्छी रही है. चीनी मार्केट में तमाम कंपनियों को पीछे छोड़ते हुए फॉक्सवैगन टॉप पर पहुंच गई है. यानी 2026 में अब तक आए आंकड़ों के मुताबिक फॉक्सवैगन ने सबसे ज्यादा कार्स बेची हैं. कंपनी ने Geely और BYD को पीछे कर दिया है. 

वहीं Toyota की भी स्थिति मजबूत हुई है. चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन के मुताबिक, 2026 में फॉक्सवैगन का मार्केट शेयर 13.9 परसेंट पहुंच गया है. चीनी मार्केट में फॉक्सवैगन चाइनीज FWA और SAIC जॉइंट वेंचर के साथ काम करती है. 

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फॉक्सवैगन के बाद दूसरी पोजिशन पर Geely है, जिसका मार्केट शेयर 13.8 परसेंट है. यानी फॉक्सवैगन और Geely के मार्केट शेयर में ज्यादा अंतर नहीं है. वहीं टोयोटा की बात करें, तो कंपनी का मार्केट शेयर 7.8 परसेंट पर पहुंच गया है. जबकि BYD का मार्केट शेयर 7.1 परसेंट है. 

कोविड के बाद कंपनी की सबसे कमजोर सेल

फरवरी महीने में COVID-19 के बाद BYD की सबसे कमजोर सेल रही है. साल 2024 में BYD ने चीनी मार्केट में फॉक्सवैगन को पीछे छोड़ दिया था. साल 2025 में भी BYD चीनी मार्केट में बेस्ट कार सेलिंग ब्रांड था. हालांकि, 2026 के शुरुआती दो महीनों में कंपनी की सेल गिरी है. हालांकि, ग्लोबल मार्केट में अभी भी BYD बेस्ट सेलिंग ब्रांड है. 

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साल 2026 के शुरुआती दो महीनों में चीन में कार की सेल 26 परसेंट गिरी है. सिर्फ फरवरी की बात करें, तो गिरावट लगभग 34 परसेंट की है. चाइना पैसेंजर कार एसोसिएशन (CPCA) के मुताबिक फरवरी 2026 में चीन में 9.5 लाख कार बिकी हैं. इसकी एक बड़ी वजह न्यू एनर्जी व्हीकल्स की खरीद पर लगाया गया 5 परसेंट टैक्स माना जा रहा है. 

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नया टैक्स बना चीनी कंपनियों के लिए मुसीबत?

इस टैक्स का ऐलान 2025 के अंत में हुआ था. इससे पहले सरकार ऐसी गाड़ियों को खरीदने पर 10 परसेंट की छूट दे रही थी. CPCA के जनरल सेक्रेटरी सीयूआई डोंगशू (Cui Dongshu) ने बताया कि स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार्स लोगों को पंसद आ रही है, जो (पुरानी स्थिति में) शायद प्लग-इन हाइब्रिड्स को चुनते.

उन्होंने बताया कि ये एक ऐसा सेगमेंट है, जो सरकारी सब्सिडी पर निर्भर करता था. जैसे ही सब्सिडी घटाई गई, सस्ते प्लग-इन हाइब्रिड्स और ईवी कार्स को सबसे ज्यादा झटका लगा है.

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