भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच हुई फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA Deal) के रूझान आने शुरू हो गए हैं. इस डील से देश के ऑटो सेक्टर को काफी फायदा मिलने की चर्चा है. इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि, ये ट्रेड डील ऐतहासिक बदलाव लेकर आएगा, ख़ास तौर पर लग्ज़री कार सेग्मेंट में. क्योंकि अब यूरोपीय कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 110 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी बीच प्रमुख यूरोपीय ब्रांड फॉक्सवैगन ने भारतीय बाजार को लेकर बड़ा ऐलान किया है.
Volkswagen ने इस साल 2026 के लिए अपनी स्ट्रेटजी का खुलासा किया है. कंपनी ने बताया है कि अगले साल वह कुल पांच नए प्रोडक्ट लॉन्च करेगी. ये लॉन्च साल की चारों तिमाहियों में किए जाएंगे ताकि बाजार में ब्रांड की मौजूदगी लगाजार मजबूर होती रहे. इस रणनीति के तहत Volkswagen ने सबसे पहले Tayron R-Line को पेश किया है और अब चार और नए मॉडल लाने की तैयारी में है.
फॉक्सवैगन की नई लाइनअप में SUV, सेडान और हैचबैक जैसी अलग अलग बॉडी स्टाइल की कारें शामिल होंगी. कंपनी इन कारों को प्रीमियम सेगमेंट के अलग अलग ग्राहकों को ध्यान में रखकर पेश करेगी. यानी ये नए मॉडल हर वर्ग के ग्राहकों के आधार पर पेश की जाएंगी. कंपनी का मानना है कि इस तरह की स्ट्रेटजी से भारतीय बाजार में ब्रांड की उपस्थिति और भी बेहतर होगी.
फॉक्सवैगन पैसेंजर कार्स इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर नितिन कोहली ने कहा कि भारत में पहली बार Tayron R-Line को पेश करते हुए कंपनी को खुशी हो रही है. उन्होंने बताया कि साल 2026 में हर तिमाही एक नया प्रोडक्ट लॉन्च किया जाएगा. उनका कहना है कि हर लॉन्च एक अलग तरह के प्रीमियम ग्राहक वर्ग को ध्यान में रखकर किया जाएगा. इसका मकसद प्रीमियम कारों पर फोकस बढ़ाना और ग्राहकों के साथ कनेक्टिविटी को और बेहतर करना है.
फिलहाल Volkswagen भारत में टायगुन, वर्टस, टिगुआन आर-लाइन और गोल्फ जीटीआई जैसी कारों की बिक्री करता है. दुनिया के 150 से ज्यादा देशों में अपनी मौजूदगी रखने वाला फॉक्सवैगन भारत को लेकर काफी संजीदा है. आगे चलकर कंपनी का फोकस ई मोबिलिटी, स्मार्ट मोबिलिटी और डिजिटल तकनीक पर भी रहेगा. कंपनी भारत में अपने सेकंड इनिंग को फ्रंट-फुट पर खेलते हुए लगातार नए मॉडलों को पेश कर रही है.
| मॉडल | संभावित लॉन्च समय |
| टेरॉन आर-लाइन | मार्च |
| टेरॉन | दूसरी तिमाही |
| टाइगुन फेसलिफ्ट | दूसरी तिमाही |
| वर्टस फेसलिफ्ट | तीसरी तिमाही |
| गोल्फ जीटीआई (सेकंड बैच) | चौथी तिमाही |
फॉक्सवैगन के इस फैसला को हाल ही में हुए इंडिया-EU डील से भी जोड़कर देखा जा रहा है. फॉक्सवैगन इंडिया के एमडी और सीईओ पियूष अरोड़ा ने इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि, "यह भारत और यूरोप के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि क्लीन और स्टेबल ट्रेड नियमों से भारतीय ग्राहकों के लिए यूरोपीय कारों के ज्यादा मॉडल लाने की संभावनाएं बनेंगी. लंबे समय में इससे टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कैपेसिटी डेवलपमेंट और ऑटो इकोसिस्टम में निवेश को बढ़ावा मिलेगा."
Volkswagen Golf GTI और Skoda Octavia RS जैसी कारें भी इंपोर्ट कैटेगरी में आती हैं. इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से कंपनियों को इन गाड़ियों की कीमत को थोड़ा किफायती रखने में मदद मिलेगी. इस समय Golf GTI की भारतीय बाजार में शुरुआती कीमत 50.91 लाख रुपये है. वहीं ऑक्टेविया आरएस की कीमत भी 49.99 लाख रुपये से शुरू होती है.
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