सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस की बेंच को ये तक कहना पड़ा कि कोलकाता पुलिस की भूमिका पर संदेह है. जांच में ऐसी लापरवाही अपने 30 साल के करियर में कभी नहीं देखी. ये बात बेहद परेशान करने वाली है कि रेप- मर्डर 8-9 अगस्त की रात को हुआ, लेकिन पुलिस को 9 अगस्त की सुबह सूचित किया गया. देखें...