खेती-किसानी और पशुपालन के क्षेत्र में किसानों के लिए कई सारी योजनाएं लॉन्च की जाती रही है. किसानों की आय दोगुनी करना इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य है. इसी कड़ी में उत्तराखंड में कोऑपरेटिव मिनिस्टर धन सिंह रावत और पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा 01 दिसंबर यानी गुरुवार को पोल्ट्री वैली योजना लॉन्च किया. इस दौरान सरकार की तरफ से दावा किया गया कि पिछले तीन सालों में राज्य की परियोजना के माध्यम से किसानों की आय दोगुनी की गई है.
साढ़े छह लाख लोगों को 0% ब्याज पर ऋण
कोऑपरेटिव मिनिस्टर धन सिंह रावत के मुताबिक पंडित दीन दयाल उपाध्याय सहकारी किसान कल्याण योजना के तहत साढ़े छह लाख लोगों को 0% ब्याज पर ऋण दिया गया है. पोल्ट्री किसानों की आमदनी दोगुनी करने करने का ये सबसे उपयुक्त समय है. उत्तराखंड में मुर्गी और मुर्गियां नजीबाबाद और बिजनौर से आती है. अब इस परियोजना से स्थानीय स्तर पर ही मुर्गियां उपलब्ध होंगी. इससे किसानों की आय में इजाफा होगा और पहाड़ों से पलायन में भी कमी आएगी. पोल्ट्री वैली योजना से स्थानीय स्तर पर महिलाओं एवं युवाओं हेतु रोजगार के अवसर पैदा किए जाएंगे. चकराता में शुरू हुआ पोल्ट्री कार्य अब पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है.
उधमिता को मिलेगा बढ़ावा
कोऑपरेटिव मिनिस्टर डॉ रावत के मुताबिक उच्च क्षमता वाले गांव या क्षेत्रों की पहचान की जाएगी ताकि उस जगह पोल्ट्री फार्मिंग से जुड़े क्लस्टर स्थापित किए जा सकें. इससे राज्य में उधमिता और सीखने को भी बढ़ावा मिलेगा. असंगठित कुक्कुट क्षेत्र को संगठित किया जा सकेगा.
योजनाओं को सफल बनाना अधिकारियों की जिम्मेदारी
इस अवसर पर पशुपालन मंत्री सौरव बहुगुणा ने कहा कि सहकारिता और पशुपालन विभाग आपस में मिलकर किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लिए बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं. बहुगुणा ने कहा कि योजनाओं को धरातल पर लाना आसान है लेकिन इन्हें सफल बनाने का काम अधिकारियों को करना होगा. सरकार के पास कई आइडिया हैं जिनसे किसानों की आमदनी दुगनी की जा सकती है.
100 करोड़ से ज्यादा की योजना राज्य में पहली बार चलाई जा रही है
सहकारिता और पशुपालन विभाग के सचिव डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि इस योजना के लिए परियोजना अवधि वित्तीय वर्ष 2022 से 2025 के लिए 5000 लाभार्थियों का लक्ष्य रखा गया है. पशुपालन विभाग द्वारा अनुदान सहायता 900 लाख, सहकारिता विभाग द्वारा ब्याज मुक्त ऋण सहायता 7963 लाख, राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना से 1500 लाख रुपये सहित कुल परियोजना की लागत 10363 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है।.डॉक्टर पुरुषोत्तम ने बताया कि 2 विभागों के संयुक्त प्रयास से राज्य में प्रथम बार इतने बड़े पैमाने पर यह कार्य किया जा रहा है।. उन्होंने कहा पोल्ट्री सेक्टर के लिए 100 करोड़ से ज्यादा की योजना पहली बार राज्य में चलाई जा रही है.
अंकित शर्मा