Goat Farming: घर लाएं इन दो नस्ल की बकरियां, कुछ ही महीने में हो जाएंगे मालामाल

Goat Farming Tips: किसानों के सामने बकरी पालन का व्यवसाय अपनाते वक्त सबसे बड़ी समस्या ये आती है कि वे किन नस्ल की बकरियों को पालकर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं कि किन बकरियों को पालकर किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 12:02 PM IST

Goat Farming: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी पालन का बिजनेस तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. इस व्यवसाय में किसान कम निवेश में ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं. सबसे खास बात है कि बकरी पालन के लिए आपको ज्यादा ज्ञान और देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती है. सरकार भी इसे बढ़ावा देने के लिए अपने स्तर पर तमाम तरह के प्रयास करती है. इसके अलावा बैंक द्वारा भी बकरी पालन करने वाले किसानों को लोन दिया जाता है.

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किस नस्ल की बकरियों को लाएं घर?
किसानों के सामने बकरी पालन का व्यवसाय अपनाते वक्त सबसे बड़ी समस्या ये आती है कि वे किन नस्ल की बकरियों को पालकर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. हम आपको बता रहे हैं कि किन बकरियों को पालकर आप बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

दुंबा बकरी
यह नस्ल ज्यादातर यूपी (उत्तर प्रदेश) में पाई जाती है. बकरीद के दौरान इसकी मांग बाजारों में काफी बढ़ जाती है. इस नस्ल का बच्चा सिर्फ 2 महीने में 30,000 तक बिक जाता है, क्योंकि इसका वजन 25 किलो तक होता है. 3 से 4 महीने बाद इनकी कीमत 70 से 75 हजार रुपये तक पहुंच जाती है.

उस्मानाबादी बकरी 
यह नस्ल महाराष्ट्र के उस्मानाबादी जिले में पाई जाती है, इसलिए इसका नाम उस्मानाबादी बकरी पड़ा. इसका उपयोग दूध और मांस उत्पादन दोनों के लिए ही किया जाता है. इसके वयस्क नर बकरी का वजन लगभग 34 किलो और मादा बकरी का वजन 32 किलो तक होता है.

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मिलती है सब्सिडी
अगर आपके पास बकरी पालन में निवेश के लिए थोड़ी सी भी पूंजी नहीं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप नेशनल लाइव स्टॉक के तहत इस व्यवसाय के लिए सस्ते ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं. वहीं कई राज्य सरकारें भी अपने-अपने स्तर किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बकरी पालन पर बंपर सब्सिडी भी देती हैं.

 

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