नौकरी छोड़कर शुरू की पॉलीहाउस खेती, आज लाखों में कमा रहे अखिलेश, बस अपनाई ये एक ट्रिक

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के रहने वाले अखिलेश चौधरी ने अच्छी खासी जॉब छोड़कर गांव में पॉलीहाउस तकनीक से खेती कर रहे हैं. इससे आज वह 2 लाख रुपये महीने कमाते हैं. इसमें उन्हे 1.20 करोड़ खर्च करने पड़े थे जिसमें सरकार के तरफ से 58 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई.

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ऋतिक राजपूत

  • बिजनौर,
  • 29 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

उत्तर प्रदेश के रहने वाले एक शख्स ने कृषि जगत में बड़ा मुकाम हासिल किया है. उन्होंने अपने जिंदगी की कुछ तकलिफों के कारण 1.5 लाख की नौकरी छोड़ दी. अब वह घर पर ही पॉलीहाउस से बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. इसमें सरकार के तरफ से उन्हें सब्सिडी भी दी गई है.

दरअसल, बिजनौर जिले के रहने वाले अखिलेश चौधरी एक बड़ी कंपनी में जॉब करते थे. जहां उनकी महीने की तनख्वाह 1.5 लाख रुपये थी. लेकिन इसी दौरान एक दिन उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई. जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. वहीं घर पर पिता को हृदय रोग था, जिन्हें तीन बार कार्डियक अरेस्ट का चुका था. ऐसे में अखिलेश चौधरी ने 2017 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया और घर लौट आए. 

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वह घर लौटने के बाद कमाई का कोई जरिया ढूंढने लगे. ऐसे में एक दिन उन्हें पॉलीहाउस खेती नामक एक सरकारी कार्यक्रम के बारे में पता चला. इसके बाद उन्होंने इसकी जानकारी इक्ट्ठा की. फिर 1.20 करोड़ के निवेश से इसकी खेती में करने लगे. इसमें उन्हें सरकार के तरफ से 58 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई थी.

10 बीघे जमीन पर पॉलीहाउस करते हैं

अखिलेश के पास आज दो पॉली फार्महाउस हैं. प्रत्येक 5 बीघे यानी कुल 10 बीघे जमीन पॉली हाउस खेती के अंतर्गत आती है. इसमें जरबेरा, जिप्सोफिला, लिलियम, रजनीगंधा और क्रिसेंथमम जैसे कई तरह के फूलों के पौधे अपने पॉलिफार्म में लगाए हैं. अखिलेश के पास 12 गाय भी हैं. जिनके गोबर के उपलों से प्रति वर्ष 4000 लीटर ह्यूमिक एसिड भी बनाते हैं. क्योंकि यह मिट्टी की संरचना में सुधार करता है और पोषक तत्वों को धारण करने की क्षमता को बढ़ाता है. 

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ड्रिप सिंचाई तकनीक का करते हैं उपयोग

अखिलेश ने आजतक से बात करते हुए बताया कि वह अपने पॉलीहाउस में ड्रिप सिंचाई तकनीक का उपयोग करते हैं. ड्रिप सिंचाई फसलों के लिए सबसे कुशल जल और पोषक तत्व वितरण प्रणाली है. यह सही समय पर, सही मात्रा में, सीधे पौधे के जड़ में पानी और पोषक तत्व पहुंचाता है. उन्होंने अपने पॉली फार्म में जरबेरा और जिप्सो के पौधे लगाए हैं. जरबेरा का एक पौधा हर साल 25 फूल और जिप्सो 9 फूल देता है. इससे वह प्रति माह 2.1 लाख रुपये कमाते हैं. इसके साथ ही वह अपने पॉलीहाउस में 12 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. यहां उगे फूलों को स्थानीय बाजार और दिल्ली फूल मंडी में बेचते हैं.

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