किसानों की मेहनत को कई बार जंगली जानवर बर्बाद कर देते हैं. नीलगाय, जंगली सुअर, बंदर जैसे जानवर कई बार खेत में घुसकर फसलों का भारी नुकसान कर देते हैं. महंगी फेंसिंग या रातभर पहरा देना कई किसानों के लिए मुश्किल हो सकता है, लेकिन घरेलू सामान से बने सस्ते घोल और जुगाड़ भी जानवरों को दूर रखने में किसानों की मदद कर सकते हैं.
ये खास घोल करेगा मदद
किसान लाल मिर्च पाउडर, नीम का तेल और फिनायल लिक्विड का घोल बनाकर जानवरों से फसल का बचाव कर सकते हैं. इसके लिए पानी में ये तीनों चीजें अच्छे से मिलाकर घोल लें, फिर पुराने कपड़े या जूट के बोरे में भिगोकर खेत की मेड़ों पर बांस के डंडे लगाकर बांध दें.
इसकी तेज बदबू से जानवर खेत के पास आने से बचते हैं. यह उपाय करीब 24-25 दिन तक किसानों की मदद कर सकता है.
मुर्गी का अंडा
जानवरों को दूर रखने के लिए मुर्गी के अंडों का घोल भी असरदार साबित हो सकता है. आप 10-12 अंडों को 50 ग्राम वाशिंग पाउडर के साथ 25 लीटर पानी में मिला सकते हैं. इसके बाद इसे मेड़ों पर छिड़क सकते हैं. अंडों की सड़ती गंध जानवरों को खतरा महसूस करा सकती है और इससे फसलों को सुरक्षा मिल सकती है.
नीम की खली का इस्तेमाल
नीम की खली का इस्तेमाल किसानों को दोहरा फायदा दे सकता है. किसान 3 किलो नीम खली और 3 किलो ईंट भट्ठे की राख मिलाकर प्रति बीघा छिड़क सकते हैं. इससे नीम की कड़वी महक जानवरों को भगाने में मदद करती है, साथ ही कीट-रोग कम होते हैं और फसलों को फायदा भी मिल सकता है.
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राख का इस्तेमाल
किसानों के लिए सबसे आसान तरीका घर की राख बन सकती है. चूल्हे या अलाव से निकली लकड़ी की राख ठंडी करके फसल में छिड़क दें. यह जीरो खर्च वाला उपाय कई किसानों के लिए शानदार साबित हो सकता है.
किसान गेहूं, चना, मटर, मक्का और सब्जियों की फसल में राख का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा किसान शाम के समय गोबर के उपलों से धुआं करके भी आवारा पशुओं को खेत से दूर रख सकते हैं.
मट्ठा और लहसुन का मिश्रण
मट्ठा और लहसुन का मिश्रण भी किसानों के लिए कमाल का उपाय बन सकता है. नीलगाय से बचने के लिए 4 लीटर मट्ठे में आधा किलो पीसा हुआ लहसुन मिलाकर 500 ग्राम रेत डालें, 5 दिन रखें फिर छिड़काव करें. इसकी तेज गंध से नीलगाय करीब 20 दिन तक खेत से दूर रह सकती है.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क