Farming Tips: फरवरी में हाइब्रिड टमाटर की खेती करें किसान, होगी तगड़ी कमाई! जानिए तरीका
Tomato Farming: हाइब्रिड टमाटर की खेती किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है. हाइब्रिड टमाटर आकार में बड़े और चमकदार होते हैं. बाजार में इनकी अच्छी कीमत भी मिलती है. भारत में फरवरी-मार्च, जून-जुलाई और सितंबर-अक्टूबर में इसकी खेती की जाती है.
फरवरी में मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ही बहुत गर्म. ऐसा मौसम टमाटर के पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए बिल्कुल फिट माना जाता है. हाइब्रिड टमाटर की खेती किसान के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. इसके लिए किसान फरवरी के पहले या दूसरे हफ्ते में प्रो-ट्रे (छोटे ट्रे) में बीज बोकर नर्सरी तैयार कर सकते हैं. करीब 25 से 30 दिनों में स्वस्थ पौधे तैयार हो जाते हैं. फिर मार्च के पहले पखवाड़े में इन पौधों को खेत में रोपाई की जाती है. इससे मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में ही पहली तुड़ाई (फसल कटाई) शुरू हो सकती है. आइए जानते हैं हाइब्रिड टमाटर की खेती करने का पूरा प्रोसेस.
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सही वैरायटी (किस्म) का चुनाव करें
टमाटर की खेती में बीज का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है. अगर वैरायटी गलत चुनी तो वायरस या अन्य रोग पूरी फसल बर्बाद कर सकते हैं. इसलिए मजबूत और रोग-प्रतिरोधक हाइब्रिड वैरायटी का चुनाव करना जरूरी है. इसकी सबसे लोकप्रिय वैरायटी में अधिराज, पूसा हाइब्रिड-4, अविनाश-2, रेड गोल्ड, शक्तिमान, 501, 2535, स्वर्ण संपदा, स्वर्ण बैभव आदि शामिल हैं. किसी अच्छी कंपनी से प्रमाणित हाइब्रिड टमाटर के बीज लें. एक एकड़ के लिए 80-100 ग्राम बीज काफी होते हैं.
हाइब्रिड टमाटर की खेती के लिए मिट्टी दोमट या बलुई दोमट होनी चाहिए. pH 6.0 से 6.8 के बीच अच्छा रहता है.
खेत में 2-3 बार गहरी जुताई करें.
प्रति एकड़ 10-15 टन गोबर की खाद या वर्मी कंपोस्ट डालें.
नाइट्रोजन 80-100 किलो, फॉस्फोरस 50-60 किलो और पोटाश 60-80 किलो प्रति एकड़ दें (बेसल ड्रेसिंग में आधा और बाकी बाद में)
खेत को समतल करें और बेड (क्यारी) बनाएं.
नर्सरी तैयार करना (बीज बोना)
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हाइब्रिड टमाटर को सीधे खेत में नहीं बोते, पहले नर्सरी में पौधे तैयार करते हैं. फरवरी में शुरू करने के लिए पहले या दूसरे हफ्ते में प्रो-ट्रे या छोटी क्यारी में बीज बोएं.
क्यारी 60 सेमी चौड़ी, 5-6 मीटर लंबी और 20-25 सेमी ऊंची बनाएं.
मिट्टी में गोबर खाद और बालू मिलाकर भुरभुरा बनाएं.
बीज को कार्बेन्डाजिम या ट्राइकोडर्मा से उपचारित करें.
10-15 सेमी की दूरी पर लाइनें बनाकर बीज बोएं. हल्के से दबाएं और बालू/भूसे से ढक दें.
फुहारे से रोज सिंचाई करें.
25-30 दिनों में पत्तियों वाले मजबूत पौधे तैयार हो जाते हैं.
रोपाई (ट्रांसप्लांटिंग)
नर्सरी के पौधे 25-30 दिन के होने पर खेत में रोपाई करें (मार्च के पहले हफ्ते में)
बेड पर 60×45 सेमी या 75×60 सेमी की दूरी रखें (एकड़ में 10-12 हजार पौधे)
शाम के समय रोपाई करें और रोपाई के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें.
फसल कटाई (तुड़ाई)
रोपाई के 60-90 दिन बाद पहली तुड़ाई शुरू होती है (मार्च-अप्रैल में)
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क