किचन में नींबू की डिमांड सालभर रहती है. अगर आप भी गार्डनिंग के शौकीन हैं और बालकनी या गार्डन में नींबू का पौधा लगाना चाहते हैं, तो यकीन मानिए, सही देखभाल से इसमें सालों-साल भरपूर नींबू आ सकते हैं. घर पर नींबू का पौधा लगाने से न सिर्फ ताजा नींबू मिलेंगे, बल्कि हरियाली भी रहेगी. आइए जानते हैं घर में नींबू का पौधा लगाने का तरीका क्या है.
नींबू का पौधा लगाने के तीन मुख्य तरीके
ज्यादातर लोग नर्सरी से पौधा लेकर लगाते हैं क्योंकि इससे 1-2 साल में फल आने लगते हैं. बीज से उगाने में 3-5 साल लग सकते हैं. वहीं, अगर आपके पास पहले से एक स्वस्थ नींबू का पौधा या पड़ोस में कोई अच्छा नींबू का पेड़ है, तो आप उसकी कटिंग (तने की डाल) से नया पौधा तैयार कर सकते हैं. इसके लिए मॉनसून (जून-जुलाई) या वसंत (फरवरी-मार्च) मौसम सही होता है.
नींबू के पौधे के लिए क्या तैयारी करें?
सबसे पहले अच्छा गमला चुनें.कम से कम 16-18 इंच व्यास और गहराई वाला गमला लें. प्लास्टिक, मिट्टी या ग्रो बैग कोई भी चलेगा, लेकिन नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर होना चाहिए. शुरुआत में ज्यादा बड़ा गमला ना लें. पौधे के थोड़ा बड़ा होने पर बड़ा गमला बदल सकते हैं.
मिट्टी कैसे तैयार करें?
नींबू को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चाहिए. 50% सामान्य मिट्टी , 25-30% कोकोपीट या पीट मॉस (पानी को रोकने और हवा देने के लिए), 20-25% वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की खाद और थोड़ा बालू मिला सकते हैं ताकि पानी ज्यादा न रुके.
नींबू का पौधा कैसे लगाएं? (नर्सरी वाला पौधा)
पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 6-8 घंटे सीधी धूप मिले. बालकनी, छत या खिड़की के पास रखना अच्छा है.
बीज से नींबू कैसे उगाएं?
कटिंग कैसे लगाएं?
नींबू के पौधे की देखभाल कैसे करें?
पानी: गर्मियों में हर 1-2 दिन में पानी दें. सर्दियों में 3-4 दिन में पानी देना सही रहता है. मिट्टी सूखने पर ही पानी दें, ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं.
खाद: हर 1-2 महीने में वर्मीकम्पोस्ट या नींबू के लिए खास खाद डालें. फूल आने पर पोटाश वाली खाद ज्यादा अच्छी रहती है.
कटाई-छंटाई: सूखी टहनियां काटते रहें. पौधा ज्यादा लंबा न होने दें, ऊपरी हिस्से काटकर झाड़ीदार बनाएं.
कीड़े-मकोड़े: अगर पत्तियों पर सफेद कीड़े लगें तो नीम का तेल छिड़कें.
सर्दी में सावधानी: ठंड में पौधे को घर के अंदर या ढककर रखें.
अगर पौधा सूखने लगे तो जड़ों के पास एप्सम सॉल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) का हल्का घोल डालें और पानी ज्यादा न दें. सही देखभाल से 1-2 साल में फूल और फल आने लगते हैं.
आजतक एग्रीकल्चर डेस्क