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कोरोना कंट्रोल, मैक्सिको की दीवार से क्लाइमेट चेंज तक, सत्ता संभालते ही बाइडेन ने पलटे ट्रंप के ये फैसले

राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद जो बाइडेन ने सीधे ओवल ऑफिस में कामकाज संभाला और एक्शन में आ गए. जो बाइडेन ने राष्ट्रपति के रूप में कई ऐसे फैसलों पर साइन कर दिए हैं, जिसकी अमेरिका में लंबे वक्त से डिमांड चल रही थी और चुनावी कैंपेन में बाइडेन ने वादा भी किया था.

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (रॉयटर्स)
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (रॉयटर्स)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेरिका में बाइडेन युग की शुरुआत हुई
  • जो बाइडेन ने पहले ही दिन कई फैसले लिए
  • ट्रंप प्रशासन के कई निर्णयों को पलटा

अमेरिका में नई सरकार बन गई है और जो बाइडेन ने बीते दिन 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ले ली है. भारतीय मूल की कमला हैरिस उनके साथ उपराष्ट्रपति बनी हैं, जिन्होंने इतिहास रच दिया है. जैसा कि उम्मीद थी कि जो बाइडेन सत्ता संभालते ही पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कई फैसलों को पलट देंगे, बिल्कुल वैसा ही हुआ है. राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद जो बाइडेन ने सीधे ओवल ऑफिस में कामकाज संभाला और एक्शन में आ गए.

जो बाइडेन ने राष्ट्रपति के रूप में कई ऐसे फैसलों पर साइन कर दिए हैं, जिसकी अमेरिका में लंबे वक्त से डिमांड चल रही थी और चुनावी कैंपेन में बाइडेन ने वादा भी किया था.

जो बाइडेन ने सत्ता संभालते ही लिए ये फैसले...
•    कोरोना महामारी को कंट्रोल करने के लिए फैसला, मास्क जरूरी.
•    आम लोगों को बड़े स्तर पर आर्थिक मदद देने का ऐलान.
•    क्लाइमेट चेंज के मसले पर अमेरिका की वापसी. 
•    नस्लभेद को खत्म करने की ओर कदम.
•    विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने के फैसले को रोका.
•    बॉर्डर पर दीवार बनाने के फैसले को रोका, फंडिंग भी रोक दी.
•    ट्रंप प्रशासन द्वारा जिन मुस्लिम देशों में बैन लगाया था, उसे वापस लिया.
•    स्टूडेंट लोन की किस्त वापसी को सितंबर तक टाला गया.

क्यों खास हैं जो बाइडेन के ये फैसले?
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने लंबे वक्त तक क्लाइमेट चेंज के मसले से मुंह फेरा. अमेरिका ने पेरिस एग्रीमेंट से अपना नाम भी वापस ले लिया था, लेकिन जो बाइडेन ने ठीक इसका उल्टा किया. उन्होंने कहा था कि अमेरिका पेरिस एग्रीमेंट में वापस लौटेगा, सत्ता संभालते ही उन्होंने क्लाइमेट चेंज की ओर बड़ा कदम बढ़ा दिया है. 

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आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कोरोना संकट के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपना नाता तोड़ लिया था, जिसके कारण उनकी काफी आलोचना हुई थी. जो बाइडेन ने चुनाव में वादा किया था कि वो शुरुआती फैसला WHO में वापस आने का ही करेंगे. संयुक्त राष्ट्र की ओर से अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया गया है. 

व्हाइट हाउस की नई प्रेस सेक्रेटरी जेन साकी के मुताबिक, कार्यकाल के पहले दिन सिर्फ कुछ ही फैसले लिए गए हैं. लेकिन आने वाले दिनों में लगातार विस्तार से फैसलों को लिया जाएगा, ताकि अमेरिका को वापस पटरी पर लाया जा सके. इन फैसलों के बाद कई और से रिएक्शन आ रहे हैं, मैक्सिको की ओर से दीवार बनाने के फैसले को रोकने का स्वागत हुआ है.

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इजरायल को लेकर बदलेगा नजरिया?
इन बड़े निर्णयों के अलावा एक खास बात और हुई जो कि अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव के संकेत देती है. इजरायल में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने ट्विटर हैंडल के नाम को बदल दिया है. पहले ट्विटर हैंडल पर नाम था ‘इजरायल में अमेरिकी राजदूत’, जिसे अब बदलकर कर ‘इजरायल, गाजा और वेस्ट बैंक में अमेरिकी राजदूत’. साफ है कि ट्रंप प्रशासन ने पहले इन्हें इजरायली स्थान की तरह मान्यता दी थी, लेकिन अब निजाम बदला है तो अंजाम भी बदलता दिख रहा है.

गौरतलब है कि बीते दिन ही जो बाइडेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति, कमला हैरिस ने उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है. जो बाइडेन ने राष्ट्रपति बनने के बाद दिए अपने पहले भाषण में अमेरिका में लोकतंत्र को मजबूत करने, नस्लीयता को खत्म करने और फिर एक साथ मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया. बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते दिन जो बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे. 

 

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