टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और उनकी ‘निडर’ टीम गुरुवार को एडिलेड में शुरू होने वाले पहले डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को चुनौती देने के लिए तैयार है. गुलाबी गेंद के क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा है, ऐसे में टीम इंडिया बेहतर प्रदर्शन के साथ मेजबान टीम को छकाने के लिए उतरेगी. ऑस्ट्रेलियाई टीम के कई खिलाड़ी चोटों की समस्या से जूझ रहे हैं.
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कारोबारी कैरी पैकर ने 1970 के दशक में चैनल नाइन पर अपनी ‘विश्व सीरीज दिन-रात्रि टेस्ट मैचों’ को प्रमोट करते हुए एक शानदार कैप्शन दिया था, ‘बिग ब्वॉएज प्ले एट नाइट (शीर्ष खिलाड़ी रात में खेलते हैं).’
यहां तक कि 2020 में भी सीरीज के लिए इससे उचित कैप्शन नहीं मिल सकता, जिसमें कोहली की शानदार बल्लेबाजी का सामना स्टीव स्मिथ की रन जुटाने की निरंतरता से हो, जिसमें चेतेश्वर पुजारा के क्रीज पर टिके रहने की जिद को युवा मार्नस लाबुशेन चुनौती दें और यह सब एडिलेड ओवर में दूधिया रोशनी में खेले जाने वाले मुकाबले में होगा.
The grind never stops 💪 sweat it out in the nets ahead of the 1st Test against Australia beginning December 17 😎😎
— BCCI (@BCCI)
साथ ही दोनों टीमों के तेज गेंदबाज गुलाबी गेंद से गोधूलि के समय बल्लेबाजों के दिमाग में संशय पैदा कराना चाहेंगे. ‘जोश हेजलवुड बनाम मोहम्मद शमी’ मुकाबला भी काफी रोमांचक होगा, जबकि पैट कमिंस के बाउंसर का जवाब जसप्रीत बुमराह अपने यॉर्कर से देना चाहेंगे.
ईशांत शर्मा जैसा अनुभवी तेज गेंदबाज भारतीय टीम में शामिल नहीं हैं, तो वहीं ऑस्ट्रेलियाई लाइन-अप को अपने स्टार डेविड वॉर्नर की कमी खलेगी, जिससे दोनों टीमें मजबूती के हिसाब से बराबरी पर ही दिखती हैं. हालांकि ऑस्ट्रेलियाई टीम को ज्यादा दिन-रात्रि टेस्ट खेलने का अनुभव है और उसे घरेलू परिस्थितियों का फायदा निश्चित रूप से मिलेगा.
दिन-रात्रि टेस्ट मैच की अपनी खासियत है, जिसमें बल्लेबाजों के पहले सत्र में हावी होने की उम्मीद होती है, जबकि जब सूरज छिप जाता है तो गेंदबाजों की तूती बोलती है क्योंकि गुलाबी कूकाबूरा की रफ्तार तेज हो जाती है.
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वहीं, भारतीय टीम के पास विभिन्न स्थानों के लिए इतने सारे विकल्प कभी भी नहीं होते थे. लेकिन भारतीय कप्तान कोहली ने स्पष्ट किया कि शुभमन गिल और लोकेश राहुल को अपने मौकों का इंतजार करना होगा क्योंकि टीम प्रबंधन ने सलामी बल्लेबाज के स्थान के लिए फॉर्म से बाहर चल रहे पृथ्वी शॉ के साथ बने रहने का फैसला किया है.
कोहली ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘शुभमन को अभी तक टेस्ट क्रिकेट में इस स्तर पर मौका नहीं मिला है, इसलिए जब भी उन्हें मौका मिलता है तो यह देखना शानदार होगा कि वह कैसा प्रदर्शन करते हैं क्योंकि वह बहुत ही आत्मविश्वास से भरा युवा खिलाड़ी हैं.’
उन्होंने कहा, ‘पृथ्वी ने टेस्ट स्तर पर प्रदर्शन दिखाया है, लेकिन वह पहली बार ऑस्ट्रेलिया में खेलेंगे. इसलिए मुझे लगता है कि उसकी प्रगति को देखना भी रोमांचक होगा.’ क्या राहुल को सीरीज के दौरान टीम में शामिल किया जा सकता है? तो उन्होंने कहा, ‘केएल निश्चित रूप से शानदार खिलाड़ी हैं और इसलिए उन्हें टेस्ट टीम में शामिल किया गया और हमें देखना होगा कि टीम के सर्वश्रेष्ठ संतुलन के लिए क्या संयोजन ठीक रहता है,’
कप्तान के इस बयान से अंदाजा लगा कि अभी हनुमा विहारी अपनी कामचलाऊ ऑफ ब्रेक के कारण पसंद हैं. वहीं, विकेटकीपर के स्थान पर ऋद्धिमान साहा को विस्फोटक ऋषभ पंत पर तरजीह दी गई. सीरीज की तैयारियों के दौरान दोयम दर्जे के ऑस्ट्रेलियाई-ए आक्रमण के खिलाफ दूधिया रोशनी में पंत की 73 गेंदों में खेली गई 100 रनों की पारी की तुलना में साहा ने मुश्किल परिस्थितियों में लाल गेंद से प्रथम श्रेणी मैच में अर्धशतकीय पारी खेली थी.
'Ajinkya and I are on the same page and I’m sure he'll do a tremendous job in my absence,' says Skipper on the eve of the first Test against Australia.
— BCCI (@BCCI)
साथ ही उमेश यादव को तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर अपना स्थान वापस मिला, जो अभ्यास मैच में उनके अच्छे प्रदर्शन के कारण हुआ.
पिंक बॉल के स्टार स्टार्क हो सकते हैं खतरनाक
मंगलवार को भारत के शीर्ष बल्लेबाजों को एडिलेड के नेट पर गुलाबी कूकाबूरा से टी नटराजन की अंदर आती गेंदों से परेशानी हो रही थी. अगर नटराजन की 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उन्हें इतनी परेशानी हो सकती है तो गुलाबी गेंद के टेस्ट में दुनिया के सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले स्टार्क कितने खतरनाक हो सकते हैं.
कभी कभार कम विकल्प में से चयन करना आसान होता है और कोहली उम्मीद करेंगे कि वह सही विकल्पों का चयन करें, ताकि अजिंक्य रहाणे उनके ब्रेक के बाद भारत को यही दोहराने में मदद कर सकें.
टीमें इस प्रकार हैं-
भारत प्लेइंग XI: विराट कोहली (कप्तान), मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे (उपकप्तान), हनुमा विहारी, ऋद्धिमान साहा (विकेटकीपर), रविचंद्रन अश्विन, उमेश यादव, मो. शमी, जसप्रीत बुमराह.
ऑस्ट्रेलिया : टिम पेन (कप्तान और विकेटकीपर), जो बर्न्स, पैट कमिंस, कैमरन ग्रीन, मार्कस हैरिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, मोइजेस हेनरिक्स, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, माइकल नेसर, जेम्स पेटिंसन, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, मिशेल स्वेपसन, मैथ्यू वेड.