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सोनवाणे जैसी घटनाएं फिर नहीं होनी चाहिये: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेल माफिया द्वारा महाराष्ट्र में अतिरिक्त कलेक्टर यशवंत सोनवाणे की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनायें फिर नहीं होनी चाहिये और भ्रष्टाचार के मामलों में छह महीने के अंदर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिये.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेल माफिया द्वारा महाराष्ट्र में अतिरिक्त कलेक्टर यशवंत सोनवाणे की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनायें फिर नहीं होनी चाहिये और भ्रष्टाचार के मामलों में छह महीने के अंदर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिये.

महराष्ट्र के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन राहुल ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले से निपटने के लिये सामूहिक प्रयास की जरूरत है.

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव ने कहा कि तेल माफिया द्वारा सोनवाणे की हत्या पर वह स्तब्ध रह गये थे. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में कदम उठाये जायें ताकि ये फिर न हो.

उन्होंने कहा, ‘हमें इस बात को देखना होगा कि यह घटना क्यों हो रही है. हमें इस बात को सुनिश्चित करना होगा कि यह दुबारा नहीं हो.’

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की तेल में मिलावट पर पूछे गये सवाल पर कहा, मैं देखता हूं कि भ्रष्टाचार एक गंभीर मुद्दा है.’ राहुल गांधी ने कहा, ‘हमें इस मुद्दे को सामूहिक रूप से देखना होगा. भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है. यह दंड 20 साल की बजाय छह महीने के अंदर दिया जाना चाहिये. कांग्रेस के अंदर हमने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है.’{mospagebreak}

विदेशों में छिपाकर रखे गये कालेधन के मुद्दे पर राहुल ने कहा, ‘हमें इस में अधिक से अधिक प्रयास करने होगे ताकि भारत और यहां की जनता के धन को वापस लाना सुनिश्चित किया जा सके. एक प्रश्न के जवाब में राहुल ने कहा, ‘मैंने कभी भी गठबंधन और मंहगाई के बीच कोई संबंध नहीं जोड़ा.’

उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक प्रक्रिया में हमारे समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि युवाओं के लिये दरवाजे खोले जायें. यहां पर एक भी नामांकित व्यक्ति नहीं है. इस रास्ते पर आगे बढ़ना है.’ उन्होंने कहा, ‘जो चीज मुझे परेशान करती है वह यह है कि सब लोग भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करते हैं लेकिन कुछ लोग ही राजनीतिक प्रणाली की तरफ देखते हैं जहां पर समस्या है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि वह जानते हैं कि कई ऐसे युवा हैं जो राजनीति की तरफ देखकर कहते हैं कि यह उनके लिये नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरा शिक्षित और कुशल युवाओं से अनुरोध है कि वे एक बार युवक कांग्रेस की वेबसाइट पर नजर डाले. आइये और ढांचा बनाने में मदद करिये.

राहुल गांधी ने कहा, ‘मुझे आपके जीवन के 10 साल चाहिये. आप अपने जीवन के 10 साल दीजिये और इसके बाद आप गर्व महसूस करेंगे.’ ‘कथित रूप से छवि बनाने के प्रयास’ पर राहुल ने कहा, ‘लोग कहते हैं कि जब किसान की विधवा कलावती (विदर्भ से) में मिलता हूं या उत्तर प्रदेश के गांव में जाता हूं या रेलगाड़ी का सफर :मुंबई में: करता हूं, यह छवि बनाता है.’{mospagebreak}

राहुल ने कहा, ‘आप वह नहीं समझते हैं जो मैं समझता हूं और वहां जाकर सीखता हूं. इसलिये मैं लोगों के बीच जांउगा बल्कि और जाउंगा. मैं वहां जाकर देखूंगा कि वास्तव में क्या हो रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘जो काम मैं कर रहा हूं इसका असर अगले पांच या 10 साल बाद दिखेगा. युवक जो कभी भी राजनीति में नहीं आते थे वे यहां पर हजारों की संख्या में आये हैं.’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘इस संबंध में बात बहुत हो चुकी है, अब काम की जरूरत है. हमें व्यवस्था की तरफ देखना शुरू करना होगा.’ उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था में परिवर्तन मूलभूत स्तर और पंचायत प्रणाली से हो रहा है. एक नया बनाया जा रहा है. उन्होंने विश्वविद्यालयों में चुनाव कराये जाने का समर्थन किया. राहुल ने आतंकवाद की भी निंदा की.

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