पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अर्जी पर नंदीग्राम मामले की सुनवाई टल गई. कलकत्ता हाई कोर्ट की एक सदस्यीय बेंच ने 24 जून तक सुनवाई टाल दी. सुनवाई टलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने जज के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया. टीएमसी ने जज कौशिक चंदा की तस्वीर जारी कि जिसमें बीजेपी के मंच पर दिख रहे हैं.
टीएमसी ने सिंगल बेंच जज कौशिक चंदा पर संदेह जताया, जिन्हें कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल ने ममता बनर्जी की चुनावी याचिका पर सुनवाई के लिए नियुक्त किया है. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने बंगाल बीजेपी नेतृत्व के साथ जस्टिस चंदा की तस्वीरें ट्वीट की हैं. इस तस्वीर के जरिए टीएमसी ने कई सवाल उठाए हैं.
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने ट्वीट करके कहा, 'न्यायपालिका के प्रति सम्मान के साथ: न्यायमूर्ति कौशिक चंदा, उन्हें नंदीग्राम केस की सुनवाई का जिम्मा सौंपा गया है.' कुणाल घोष ने इस तस्वीर के साथ एक फोटो शेयर की है, जिसमें कथित तौर पर जस्टिस कौशिक चंदा, बीजेपी के बंगाल प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ मंच पर बैठे हैं.
Who is that person ‘circled’ in both pics ?
— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp)
Is he Justice Kaushik Chanda of Calcutta High Court ?
Has he been assigned to hear the Nandigram election case ?
Can the judiciary sink any lower ?
वहीं, टीएमली सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने ट्वीट करके एक तस्वीर शेयर की है. इस तस्वीर को शेयर करते हुए डेरेक ने लिखा, 'वह व्यक्ति कौन है जो दोनों तस्वीरों में है? क्या वह कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति कौशिक चंदा हैं? क्या उन्हें नंदीग्राम चुनाव मामले की सुनवाई के लिए नियुक्त किया गया है? क्या न्यायपालिका और नीचे गिर सकती है?'
एक और ट्वीट में टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने वकील रहते हुए कौशिक चंदा के कलकत्ता हाई कोर्ट में बीजेपी की ओर से पेश होने के दस्तावेज पेश किए हैं. डेरेक ने लिखा, 'ये वह मामले जहां न्यायमूर्ति कौशिक चंदा कलकत्ता उच्च न्यायालय के समक्ष भारतीय जनता पार्टी के लिए पेश हुए हैं और अब उन्हें नंदीग्राम चुनाव मामले की सुनवाई का जिम्मा सौंपा गया है.'
See what we found👇
— Derek O'Brien | ডেরেক ও'ব্রায়েন (@derekobrienmp)
Matters where Justice Kaushik Chanda has appeared for the Bharatiya Janata Party before the Calcutta High Court.
And now he has been assigned to hear the Nandigram election case.
One big coincidence?
आपको बता दें कि सीएम ममता बनर्जी ने नंदीग्राम के चुनावी नतीजे को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी है. उन्होंने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. इस सीट पर ममता को कभी उनके करीबी रहे और बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी ने करीब 2 हजार वोटों से हराया है. ममता की याचिका पर सुनवाई 24 जून तक टल गई है.
गौरतलब है कि 16 जून को ही याचिकाकर्ता के रूप में ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि नंदीग्राम पर याचिका को जस्टिस कौशिक चंदा की बेंच को सूचीबद्ध नहीं किया जाना चाहिए. अपने पत्र में उन्होंने चंदा की हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पुष्टि के लिए अपनी पिछली आपत्ति का उल्लेख किया. अपने वकील के माध्यम से भेजे गए अपने पत्र में ममता बनर्जी ने जज की ओर से पक्षपात की आशंका व्यक्त की थी और आशंका जताई कि चंदा “बीजेपी के सक्रिय सदस्य” रहे हैं.