आधुनिक रेल कोच बनाने वाली सरकारी कंपनी इंटीगरेटेड कोच फैक्ट्री (ICF) ने भारत की सेमी हाई स्पीड ट्रेन के 44 कोचों के निर्माण से जुड़ी निविदा को रद्द कर दिया है.
ICF इंडियन रेलवे की एक कोच निर्माता कंपनी है. माना जा रहा है कि इंडियन रेलवे ने इस टेंडर को रद्द करने का फैसला तब लिया जब इस टेंडर के बोलीधारकों में एक चीनी कंपनी का नाम सामने आया.
1500 करोड़ के टेंडर के लिए चीनी कंपनी का नाम
1500 करोड़ रुपये के इस टेंडर के लिए चीन और भारत का एक संयुक्त उपक्रम प्रमुख रूप से सामने आया था और इस टेंडर के लिए बोली लगाने वाली 6 कंपनियों में से एक मात्र विदेशी कंपनी थी.
इस चीनी कंपनी का नाम है CRRC कॉरपोरेशन. इस चीनी कंपनी ने गुरुग्राम की एक कंपनी के साथ मिलकर संयुक्त उपक्रम स्थापित किया है. इसका नाम है CRRC पायनियर इलेक्ट्रिक (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड.
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मेक इंडिया अभियान के तहत नया टेंडर
इंडियन रेलवे ने ट्वीट करते हुए कहा कि वंदे भारत की 44 सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर को रद्द कर दिया गया है. इसका नया टेंडर मेक इन इंडिया अभियान को ध्यान में रखकर तैयार किए गए संशोधित सरकारी खरीद नीति के तहत एक सप्ताह में जारी किया जाएगा.
Tender for manufacturing of 44 nos of semi high speed train sets (Vande Bharat) has been cancelled.
— Ministry of Railways (@RailMinIndia)
Fresh tender will be floated within a week as per Revised Public Procurement (Preference to Make in India) order.
2015 में हुआ संयुक्त उद्यम
चीनी संयुक्त उद्यम (JV) को 2015 में चीन की CRRC योंगजी इलेक्ट्रिक कंपनी लिमिटेड और गुरुग्राम स्थित पायनियर फिल-मेड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया था.
बता दें कि ICF ने 10 जुलाई को सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेनों के लिए 44 रेक या ट्रेन सेट बनाने के लिए टेंडर निविदा जारी किया था. टेंडर के लिए छह कंपनियों से बोली लगाई थी.
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CRRC के अलावा शेष 5 बोली लगाने वाली कंपनियों में सरकारी स्वामित्व वाली भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL), भारत इंडस्ट्रीज, संगरूर, इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रॉनिक्स (पी) लिमिटेड, मेधा सर्वो ड्राइव्स प्राइवेट लिमिटेड और पॉवरनेटिक्स इक्विपमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं.
471 करोड़ का ठेका पहले भी हुआ रद्द
बता दें कि गलवान में चीन के विश्वासघात के बाद भारत चीन के खिलाफ सख्त आर्थिक फैसले ले रहा है. कुछ ही दिन पहले इंडियन रेलवे ने 471 करोड़ के एक सिग्निलिंग और टेली कम्यूनिकेशन प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया था. कानपुर-दीनदयाल सेक्शन पर 417 किलोमीटर लंबे इस निर्माण का ठेका एक चीनी कंपनी के पास था.