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टाइप 3 CNG सिलेंडर - गाड़ी और सवारी की सुरक्षा के लिए एक बेहतरीन विकल्प

Impact Feature

टाइप 3 सिलेंडर आपकी गाड़ी को एक कम वजन वाला गैस स्टोरेज देते हैं. गैस की खपत कम करने के साथ-साथ ये सिलेंडर गाड़ी के रख-रखाव के खर्चे को भी काफी हद तक कम कर देते हैं.

अपनी गाड़ी के लिए CNG सिलेंडर लेने से पहले आपको कुछ मूलभूत बातों पर ध्यान देना जरूरी है. अपनी गाड़ी के लिए CNG सिलेंडर लेने से पहले आपको कुछ मूलभूत बातों पर ध्यान देना जरूरी है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 4 प्रकार के CNG सिलेंडरों के बारे में जानना है जरूरी
  • टाइप 3 सिलेंडर देता है कम वजन वाला गैस स्टोरेज
  • एल्युमिनियम से बनता है टाइप 3 सिलेंडर का लाइनर

पिछले कुछ सालों में CNG की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है. यह ना सिर्फ पेट्रोल और डीजल से सस्ता है, बल्कि इससे कार्बन उत्सर्जन भी बहुत कम होता है. जिस गति से पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ रहे हैं, अनुमान है कि आने वाले समय में CNG इस्तेमाल करने वालों की संख्या कहीं ज्यादा बढ़ जाएगी. हो सकता है कि आपको भी आने वाले दिनों में CNG इस्तेमाल करने का निर्णय लेना पड़े. इसलिए CNG और खासकर 4 प्रकार के CNG सिलेंडरों के बारे में जानने का यह बिलकुल सही समय है.

CNG की खास बात ये है कि वो अपने आसपास के तापमान के अनुसार फैलती और सिकुड़ती है. एक सिलेंडर के अंदर एक बार में कितना CNG भरा जा सकता है, ये कई चीजों पर निर्भर करता है. जैसे फ्यूलिंग रेट, सिलेंडर के आसपास का तापमान, प्रेशर रेटिंग और सिलेंडर का प्रकार. बाजार में CNG सिलेंडर के 4 प्रकार मौजूद हैं - टाइप 1, टाइप 2, टाइप 3 और टाइप 4. कौन सा सिलेंडर किस प्रकार का है, यह तीन बातों पर निर्भर करता है - सिलेंडर की बनावट, उसके निर्माण की विधि, और उसका लाइनर किस चीज का बना है.

अपनी गाड़ी के लिए CNG सिलेंडर लेने से पहले आपको कुछ मूलभूत बातों पर ध्यान देना जरूरी है. टाइप 1 सिलेंडर स्टील के बने होते हैं और इनका इस्तेमाल कई सालों से होता आया है. साथ ही इनका वजन भी काफी ज्यादा होता है. वहीं टाइप 3 और टाइप 4 सिलेंडर पूरी तरह ढके हुए कम्पोजिट सिलेंडर हैं जो टाइप 1 सिलेंडर से लगभग 60% से 70% हल्के होते हैं. टाइप 3 सिलेंडर के लाइनर मेटल और टाइप 4 के लाइनर प्लास्टिक के बने होते हैं. इस आर्टिकल में हम जानेंगे टाइप 3 सिलेंडर के फायदे. साथ ही समझेंगे टाइप 3 और टाइप 4 सिलेंडर के बीच का फर्क.

क्या हैं टाइप 3 और टाइप 4 सिलेंडर?

टाइप 3 सिलेंडर का लाइनर मेटल का बना होता है और इसकी बाहरी सतह पूरी तरह कम्पोजिट से ढकी रहती है. वहीं टाइप 4 सिलेंडर का लाइनर प्लास्टिक का बना होता है और इसकी बाहरी सतह भी पूरी तरह कम्पोजिट से ढकी रहती है. यहां ये समझना जरूरी है कि ये दोनों ही कार्बन कम्पोजिट सिलेंडर हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि टाइप 3 सिलेंडर का लाइनर सीमलैस एल्युमिनियम एलॉय से बनाया जाता है और टाइप 4 के लाइनर को बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है.

टाइप 3 सिलेंडर आपकी गाड़ी को एक कम वजन वाला गैस स्टोरेज देते हैं. गैस की खपत कम करने के साथ-साथ ये सिलेंडर गाड़ी के रख-रखाव के खर्चे को भी काफी हद तक कम कर देते हैं. गौरतलब है कि टाइप 3 सिलेंडर कारों, हल्के और भारी ट्रकों, और बसों में आसानी से लगाए जा सकते हैं.

टाइप 3 सिलेंडर - एक सुरक्षित विकल्प

टाइप 3 सिलेंडर इस्तेमाल करने के क्या फायदे हैं? क्या चीज बनाती है टाइप 3 सिलेंडर को एक सुरक्षित विकल्प? आइये समझते हैं.

1. सीमलैस एल्युमिनियम लाइनर

जब सिलेंडर में दबाव बढ़ता है, तो उसमें मौजूद गैस का तापमान भी बढ़ जाता है. जब गैस का तापमान ज्यादा होता है, तब सिलेंडर पूरी तरह नहीं भरा जाता. दरअसल तेजी से गैस भरने के कारण सिलेंडर में ज्यादा गर्मी उत्पन्न होती है और उसमें जगह बच जाती है. टाइप 3 सिलेंडर का एल्युमिनियम लाइनर इस गर्मी को कम करने का काम करता है, ताकि सिलेंडर की अंदरूनी जगह का इस्तेमाल बेहतर ढंग से हो सके. यही नहीं, टाइप 3 सिलेंडर में कोई भी जोड़ या वेल्डिंग नहीं होती, जिसकी वजह से गैस लीक होने की संभावना ना के बराबर हो जाती है.

2. टक्कर झेलने की क्षमता

टाइप 3 सिलेंडर का बाहरी कम्पोजिट इसे 75% से 90% मजबूती देता है. बची-खुची मजबूती इसे एल्युमिनियम लाइनर से मिल जाती है. यह लाइनर काफी ठोस होता है. टक्कर के दौरान सिलेंडर और कम्पोजिट को नुकसान से बचाने का काम लाइनर ही करता है.

3. गर्मी सहने की क्षमता

टाइप 3 सिलेंडर की गर्मी सहने की क्षमता काफी ज्यादा होती है. इस वजह से इसमें एक बार में ज्यादा गैस भरी जा सकती है. सिलेंडर के कम्पोजिट फाइबर लाइनर द्वारा अच्छे से जुड़े रहते हैं. इस एल्युमिनियम लाइनर पर गर्मी का असर नहीं पड़ता, जिसकी वजह से सिलेंडर की गर्मी सहने की क्षमता भी कई गुना बढ़ जाती है.

4. बेहतर फास्ट-फिलिंग क्षमता

तेजी से गैस भरने के कारण सिलेंडर में गर्मी भी ज्यादा तेजी से उत्पन्न होती है. ऐसे में सिलेंडर को इस गर्मी को कम करने के लिए समय नहीं मिलता. फास्ट-फिलिंग के लिए टाइप 3 सिलेंडर एक बेहतर विकल्प है क्यूंकि इसके एल्युमिनियम लाइनर की ऊष्मा चालकता यानि थर्मल कंडक्टिविटी काफी ज्यादा होती है. इस वजह से फास्ट-फिलिंग के दौरान भी सिलेंडर पूरी तरह गैस से भरा जा सकता है.

5. बर्स्ट सेफ्टी

अपनी गाड़ी में CNG सिलेंडर फिट करवाते समय सुरक्षा का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. प्राकृतिक गैस में कई आक्रामक घटक होते हैं जिससे सिलेंडर में जंग लगने की संभावना बढ़ जाती है. लेकिन टाइप 3 सिलेंडर के एल्युमिनियम लाइनर की जंग प्रतिरोधक क्षमता के चलते ये सिलेंडर जंग से बचा रहता है. इस तरह गाड़ी और सवारी दोनों ही सुरक्षित रहते हैं.

निष्कर्ष

टाइप 3 सिलेंडर ISO11119-2 के अनुसार बनाये जाते हैं. इनको बनाने में हाई-स्ट्रेंथ कार्बन फाइबर और इपोक्सी कम्पोजिट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे सिलेंडर का गैस स्टोरेज बेहतर हो जाता है. क्यूंकि इसका लाइनर सिलेंडर से गर्मी को निकालता है, इसमें ज्यादा गैस भर पाती है. साथ ही टाइप 3 सिलेंडर गाड़ी का वज़न बढ़ाये बिना ड्राइविंग रेंज को बेहतर बना देता है. इसके कई फायदों को देखते हुए हम कह सकते हैं कि टाइप 3 सिलेंडर आपकी गाड़ी के लिए एक सुरक्षित और बेहतरीन विकल्प है.

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