पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष के भगवान राम और देवी दुर्गा के ऊपर दिए एक बयान से सियासी तूफान मचा हुआ है. दिलीप घोष के बयान को लेकर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने मोर्चा खोल दिया. इस बीच बंगाल बीजेपी की ओर से एक वीडियो जारी कर सफाई दी गई है.
दरअसल, शुक्रवार को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव (ईस्ट) 2021 के मंच पर दिलीप घोष ने कहा कि राम और दुर्गा की तुलना कैसे की जा सकती है. घोष के बयान पर टीएमसी हमलावर हो गई. टीएमसी इसे बंगाल की संस्कृति ही नहीं बल्कि पूरे हिंदू समाज के अपमान से जोड़ रही है.
दिलीप घोष के इस बयान के फौरन बाद टीएमसी सांसद काकोली घोष ने इसे शर्मनाक बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व का नारा देने वाली पार्टी की कथनी और करनी में अंतर है. काकोली घोष ने कहा कि ये बयान पूरे हिंदू समाज और संस्कृति का अपमान है.
TMC, which stopped Bengalis from performing Durga visarjan, because it wanted to appease Muslims, is suddenly remembering Maa Durga.
— BJP Bengal (@BJP4Bengal)
TMC must stop misquoting just because it is unnerved by Jai Shri Ram, which has become a symbol of resistance against its politics.
वहीं आज साउथ 24 परगना में एक रैली को संबोधित करते हुए सीएम ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी इस मामले पर टिप्पणी की. उन्होंने दिलीप घोष के बयान को बंगाल की महिलाओं के अपमान से जोड़ दिया. बनर्जी ने कहा कि घोष को यह नहीं पता कि राम से पहले सिया आता है. ऐसा इसलिए क्यों महिलाओं का सम्मान है.
हालांकि, बंगाल बीजेपी की ओर से इस मसले पर ट्वीट कर सफाई दी गई है. इसमें दिलीप घोष का वो वीडियो भी है जिसका हवाला देकर टीमएमसी हमला कर रही है. बीजेपी ने कहा कि टीएमसी वो पार्टी है जिसने मुस्लिमों को खुश करने बंगालियों को दुर्गा विसर्जन करने से रोका. उसे अचानक मां दुर्गा की याद कैसे आ गई. टीएमसी को गलत जानकारी देना बंद करना चाहिए.