केंद्र सरकार द्वारा 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने के बाद अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं. अब जब परीक्षाओं पर स्थिति साफ हो गई है तो हर किसी की नज़र एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर है. दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने साफ किया है कि जब कोरोना से हालात काफी हदतक सुधर जाएंगे, तभी यूनिवर्सिटी का एंट्रेंस एग्जाम करवाया जाएगा.
JNU के वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार का कहना है कि कोरोना के कारण 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का जो फैसला लिया गया है, हम उसका स्वागत करते हैं. छात्रों का स्वास्थ्य काफी अहम है.
एग्जाम कैंसिल होने का JNU के एडमिशन प्रोसेस पर क्या असर पड़ेगा, इसको लेकर जगदीश कुमार ने कहा कि हाईयर एजुकेशन के लिए जेएनयू में एंट्रेंस एग्जाम के जरिए एडमिशन मिलता है. जब भी छात्रों के लिए एंट्रेंस एग्जाम में लिखना सुरक्षित होगा, तभी यूनिवर्सिटी इसको करवाएगी.
The decision taken with regard to 12th standard exams is pragmatic and rational considering the fact that this COVID pandemic is once in a century occurrence. The health and safety of students are of paramount importance to all of us.
— Mamidala Jagadesh Kumar (@mamidala90)
अगर देरी से हुआ एंट्रेंस एग्जाम तो...
वाइस चांसलर ने कहा कि अगर कोरोना के कारण एंट्रेंस एग्जाम लेट होता है या बच्चों का एडमिशन सामान्य से देरी से होता है, तो यूनिवर्सिटी अपने अकादमिक कैलेंडर को एडजेस्ट करने की ओर कदम बढ़ाएगी, ताकि बच्चों का नुकसान ना हो.
JNU के वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार ने कहा कि कॉलेज में एडमिशन बच्चों के 12वीं में मार्क्स के हिसाब से ही होता है, ऐसे में एडमिशन के लिए क्या सही तरीका है ये यूनिवर्सिटी ही तय करती हैं. हमें इसको लेकर सही और सुरक्षित तरीके निकालने होंगे.
डीयू भी बता चुका है एडमिशन का फॉर्मूला
आपको बता दें कि जेएनयू से पहले डीयू ने भी एडमिशन प्रोसेस को लेकर जानकारी दी है. डीयू का कहना है कि वो इस बार भी मेरिट के आधार पर ही एडमिशन देंगे. पहले एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करने का प्लान था, लेकिन ताजा स्थिति को देखते हुए मेरिट को ही आधार माना जाएगा.
गौरतलब है कि कोरोना के कारण 12वीं के एग्जाम रद्द हो गए हैं. अब CBSE बच्चों को कैसे पास करेगा, उसका फॉर्मूला जल्द ही जारी किया जाएगा. मुख्य तौर पर बच्चों के इंटरनेल असेस्मेंट के आधार पर ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा.