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ये 12 शब्द आपके लिए डीकोड करेंगे केन्द्रीय बजट

आम आदमी के लिए बजट को बखूबी समझने का एक मात्र जरिया है कि वित्त मंत्री की बजट स्पीच के दौरान इस्तेमाल होने वाले उन जटिल शब्दों का मतबल उसे मालूम हो.

आम बजट को समझने के लिए जरूरी हैं इन शब्दों को जानना आम बजट को समझने के लिए जरूरी हैं इन शब्दों को जानना

केन्द्रीय बजट एक जटिल प्रक्रिया है और जटिल शब्दों की यहां भरमार है. इसके बावजूद देशभर को उस दिन का इंतजार रहता है जब केन्द्रीय वित्त मंत्री संसद पटल पर वार्षिक बजट रखते हैं और कम से कम एक घंटे तक बजट के प्रमुख अंशों से भरी अपनी स्पीच देते हैं. आम आदमी के लिए बजट को बखूबी समझने का एक मात्र जरिया है कि वित्त मंत्री की बजट स्पीच के दौरान इस्तेमाल होने वाले उन जटिल शब्दों का मतबल उसे मालूम हो.

आइए जानते हैं बजट स्पीच को डीकोड करने वाले कुछ महत्वपूर्ण शब्द

1. आयकर (Income tax): यह कर केन्द्र सरकार द्वारा किसी व्यक्ति के आय के श्रोत जैसे आमदनी, निवेश और उनपर मिलने वाले इंटरेस्ट पर लगाया जाता है.

2. इनडायरेक्ट टैक्स (Indirect taxes): यह टैक्स खासतौर पर खर्च पर लगाया जाता है और इसमें कस्टम, एक्साइज और सर्विस टैक्स शामिल है. इस टैक्स का भार अमीर और गरीब पर समान तौर पर पड़ता है.

3. डॉयरेक्ट टैक्स (Direct taxes): इस टैक्स का बोझ उस व्यक्ति पर ही पड़ता है जिसपर यह टैक्स लगाया जाता है. यह टैक्स आय अथवा संपत्ति पर लगाया जाता है. इसमें कॉरपोरेट और व्यक्ति की आय पर टैक्स शामिल है.

4. उत्पाद शुल्क (Excise duties): यह टैक्स उन सभी उत्पाद पर लगाया जाता है जिसे देश के अंदर तैयार किया जाता है.

5. सीमा शुल्क (Customs duties): देश में इंपोर्ट कर लाए जा रहे सभी उत्पाद पर यह टैक्स लगाया जाता है. इस टैक्स की मदद से घरेलू इंडस्ट्री या क्षेत्र विशेष को संरक्षण देने का काम किया जाता है.

6. कॉरपोरेट टैक्स (Corporate tax): यह टैक्स देश में टैक्स कॉरपोरेट संस्थानों या फर्मों पर लगाया जाता है. यह सरकार के वार्षिक रेवेन्यू का अहम जरिया होता है.

7. राजकोषीय घाटा (Fiscal deficit): केन्द्र सरकार के कुल वार्षिक खर्च और कुल राजस्व प्राप्ति (गैर ऋण पूंजी) के अंतर को राजकोषीय घाटा कहते हैं. इसे पूरा करने के लिए सरकार जनता से पैसे कर्ज पर लेती है.

8. बैलेंस ऑफ पेमेंट (Balance of payments): किसी एक देश का बाकी दुनिया से एक साल के दौरान हुए सभी वित्तीय लेनदेन के हिसाब-किताब को बैलेंस ऑफ पेमेंट कहा जाता है.

9. बैलेंस बजट (Balanced budget) : किसी सरकार के बजट को बैलेंस बजट तब कहा जाता जब उसका कुल रेवेन्यू और कुल खर्च बराबर होता है.

10. बजट घाटा (Budgetary deficit): किसी सरकार का वित्तीय स्वास्थ मापने के लिए बजट घाटा अहम इंडिकेटर होता है. बजट घाटा तब होता है जब सरकार का कुल खर्च उसकी कुल आय से अधिक होता है.

11. विनिवेश (Disinvestment): विनिवेश वह प्रक्रिया होती है जिसके तहत कोई सरकार अथवा संस्था अपनी संपत्ति अथवा इकाई को बेचता है. इस प्रक्रिया से सरकार अपने राजस्व में इजाफा करती है.

12. जीडीपी (GDP): किसी एक वित्तीय वर्ष में देश की सीमा के अंदर उत्पादित कुल वस्तु एंव सेवाओं के योग को जीडीपी कहते हैं.

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