अखिल भारतीय नाविक एवं सामान्य कर्मचारी संघ (All India Seafarers and general workers Union) ने आरोप लगाया है कि चीन भारतीय चालक दल वाले जहाजों को अपनी सीमा में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रहा है. संघ ने सरकार से मदद की गुहार करते हुए कहा है कि इससे हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे.
हालांकि वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें चीन से ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. कर्मचारी संघ ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप कर हजारों भारतीय नाविकों की नौकरियां बचाने में मदद करने की गुहार लगाई है.
नाविकों की भर्ती नहीं
सेलर्स के संगठन का आरोप है कि चीन जाने वाले जहाजों के लिए कंपनियां नाविकों की भर्ती नहीं कर रही हैं. संगठन ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है कि चीन आखिर ऐसा क्यों कर रहा है.
संगठन ने बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनेवाल को लिखे एक पत्र में दावा करते हुए कहा कि इस कारण से करीब 20 हजार नाविकों को घर पर बैठना पड़ा है.
20 हजार नाविक घर बैठे!
संगठन ने लेटर में कहा है, 'मार्च 2021 से अगर कोई जहाज भारतीय कर्मचारी के साथ चीन के बंदरगाह पर पहुंच रहा हैं, तो चीन सरकार उस जहाज को बंदरगाह में प्रवेश की अनुमति नहीं दे रही है. इसकी वजह से करीब 20 हजार भारतीय नाविकों को घर बैठना पड़ा है.’
Indonesia opens up crew changes for everyone except crew of Indian & South African nationality.
— All India Seafarers Union (@AllSeafarers)
China Government is not allowing all those ships to enter into the port just because of this reason all the company has stop calling all the Seafarers from India.
कर्मचारी संघ की तरफ से इस पत्र की प्रतियां विदेश मंत्रालय और क्षेत्र नियामक, जहाजरानी महानिदेशालय को भी भेजी गई है. दूसरी तरफ टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक अधकिारियों का कहना है कि उन्हें चीन सरकार से इस तरह के रोक की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. अखबार के मुताबिक महानिदेशक (शिपिंग) अमिताभ कुमार ने कहा, 'हमें चीन सरकार से या विदेश मंत्रालय से ऐसी कोईआधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. हमारे आंकड़े भी ऐसे किसी घटना की जानकारी नहीं देते.'