एक साल पहले अगर कोई आपसे कहता कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच बिना किसी मुलाकात के बस फोन की बात पर ही ट्रेड डील का मुद्दा सुलझ जाएगा तो शायद आप इसे एक कल्पना मात्र समझते. लेकिन कुछ ऐसा ही हुआ, बीते करीब एक साल के दौरान दोनों नेता ना तो मिले और ना ही आमने-सामने की कोई बैठक हुई. मगर हवा का रुख बदला और ठंडे बयानों का दौर खत्म हो गया... दूसरी तरफ भारत-अमेरिका रिश्तों में जमी बर्फ तेज़ी से पिघलती नजर आ रही है. मगर, भारत औऱ अमेरिका की दोस्ती की गाड़ी के पटरी पर लौटने से पाकिस्तान क्यों परेशान है? देखें कूटनीति.