रूस में हुए हमलों की जांच में यह बात सामने आई है कि ड्रोन संभवतः रूस के भीतर ही बनाए गए थे, जिसके बाद जेलियाविंस में एक संदिग्ध गोदाम पर छापेमारी की गई. इस हमले को विश्लेषक "रूस का पर्ल हार्बर" कह रहे हैं, जिसमें यूक्रेन की सीमा से 4000 किलोमीटर दूर तक मार करने वाले सस्ते एफपीवी ड्रोन से रूस के कई महत्वपूर्ण रणनीतिक बमवर्षक विमानों और एक ए-50 अवाक्स विमान को निशाना बनाया गया. देखें...