'अगर वेनेजुएला में सेना भेजी तो राइफलों से व्हाइट हाउस पर...', जब मादुरो के बेटे ने ट्रंप को दी थी धमकी

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका ने जो कार्रवाई की है, उससे उनके बेटे निकोलस मादुरो गुएरा बेहद गुस्से में हैं. उन्होंने अपने पिता को अगवा किए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है. गुएरा ने अमेरिका की धमकियों का जवाब देते हुए वेनेजुएला की संप्रभुता की रक्षा का संकल्प जताया है और कहा कि वेनेजुएला सुरक्षित हाथों में है.

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निकोलस मादुरो के बेटे ट्रंप को पहले भी धमकी दे चुके हैं (Photo: X/White House) निकोलस मादुरो के बेटे ट्रंप को पहले भी धमकी दे चुके हैं (Photo: X/White House)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:56 PM IST

'मैं निर्दोष हूं...कोई अपराध नहीं किया. मुझे तीन जनवरी से अगवा करके यहां रखा गया है. मुझे वेनेजुएला में काराकास के मेरे घर से पकड़ा गया था. मैं अब भी अपने देश का राष्ट्रपति हूं...', ये शब्द उस राष्ट्रपति के हैं जिसे रात के अंधेरे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस समेत बेडरूम से उठवा लिया. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी फिलहाल न्यूयॉर्क की एक जेल में कैद हैं. ट्रंप राष्ट्रपति मादुरो को अगवा करने के बाद वेनेजुएला को अपने हिसाब से चलाने की तैयारी में हैं लेकिन एक 'प्रिंस' है जो उनकी इन उम्मीदों पर पानी फेर सकता है

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मादुरो को अगवा किए जाने के बाद वेनेजुएला की उप राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को वहां का अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है. लेकिन ट्रंप चाहते हैं कि वो उनके इशारों पर काम करें. रोड्रिगेज ने ऐसा कुछ करने से इनकार किया है जिसके बाद ट्रंप ने उन्हें धमकी देते हुए कहा कि अगर वो अमेरिका के कहे अनुसार सत्ता नहीं चलाती तो वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की जाएगी.

ट्रंप की इन धमकियों पर एक 'प्रिंस' बार-बार पलटवार कर रहा है और कह रहा है कि वेनेजुएला सुरक्षित हाथों में है. इस 'प्रिंस' का नाम है निकोलस मादुरो गुएरा, जो कि मादुरो के बेटे हैं. मादुरो को अगवा किए जाने के बाद से ही उनके बेटे ट्रंप पर हमलावर हैं. उन्होंने ट्रंप की कार्रवाई को बाहरी आक्रमण करार देते हुए कहा कि इसके जवाब में राजनीतिक और सैन्य समन्वय की जरूरत है.

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मां की कसम खाकर मादुरो के बेटे ने क्या कहा?

पिता को अगवा किए जाने के बाद एक संदेश में उन्होंने कहा था, 'हम ठीक हैं. हम शांत हैं. आप हमें सड़कों पर लोगों के साथ देखेंगे. वो हमें कमजोर देखना चाहते हैं लेकिन हम सम्मान और गरिमा के साथ झंडे बुलंद करेंगे. जो कुछ हुआ है, बेशक हमें उससे दुख हुआ है, हमें गुस्सा भी आ रहा है... लेकिन वो हमें कमजोर नहीं कर पाएंगे. मैं अपनी जिंदगी की, अपनी मां की, सीलिया (सीलिया फ्लोरेस, मादुरो की पत्नी और गुएरा की सौतेली मां) की कसम खाता हूं.'

सोमवार को वेनेजुएला की संसद में मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने एक भावुक संदेश दिया. उन्होंने अपने पिता को संबोधित करते हुए कहा कि 'देश सही हाथों में है डैड.'

उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को वेनेजुएला की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन बताया और चेतावनी दी कि इस तरह की घटना किसी और देश के साथ भी हो सकती है. उन्होंने कहा कि अगर उनके पिता के अपहरण को सामान्य मान लिया गया तो कोई भी देश सुरक्षित नहीं रहेगा.

उन्होंने कहा, 'आज वेनेजुएला है, कल किसी और देश के साथ भी ऐसा हो सकता है जो झुकने से इनकार करता है. यह सिर्फ क्षेत्रीय समस्या नहीं बल्कि वैश्विक स्थिरता, मानवता और देशों की संप्रभुता के लिए खतरा है.'

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मादुरो ने अपने पिता पर लगे ड्रग्स से जुड़े सभी आरोपों से इनकार किया और कहा है कि वो और उनका परिवार उत्पीड़न का शिकार हो रहा है.

ट्रंप को आंख दिखाने वाले मादुरो पहले भी अमेरिका को दे चुके हैं धमकी

निकोलस एर्नेस्टो मादुरो गुएरा, जिन्हें आम तौर पर 'निकोलासितो' या 'द प्रिंस' कहा जाता है, का जन्म 21 जून 1990 को कराकास में हुआ था. वो निकोलस मादुरो और उनकी पहली पत्नी एड्रियाना गुएरा एंगुलो के इकलौते बेटे हैं. गुएरा बेहद कम उम्र में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हो गए और पहले पब्लिक मिनिस्ट्री में काम किया. जब उनके पिता मादुरो राष्ट्रपति बने तब उन्होंने कई बड़ी भूमिकाएं निभानी शुरू कर दी.

काफी कम अनुभव होने के बावजूद, 2013 में गुएरा को राष्ट्रपति कार्यालय के स्पेशल इंस्पेक्टर्स कॉर्प्स का प्रमुख नियुक्त किया गया. इसके बाद उन्हें नेशनल फिल्म स्कूल का कोऑर्डिनेटर बनाया गया. 2017 में वो संविधान सभा के सदस्य बने. इसी दौरान उन्होंने ट्रंप को धमकी देते हुए कहा था कि अगर उन्होंने वेनेजुएला की तरफ आंख उठाकर देखा तो उनके सैनिक व्हाइट हाउस पर कब्जा कर लेंगे.

ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में वेनेजुएला में विरोध-प्रदर्शन हुए थे जिनमें सैकड़ों लोगों की जान गई थी. इसे लेकर व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाया था. ट्रंप ने उस समय भी वेनेजुएला को सैन्य हस्तक्षेप की धमकी दी थी.

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न्यू जर्सी में अपने गोल्फ क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा था, 'वेनेजुएला बहुत दूर नहीं है. वहां के लोग परेशान हैं और मर रहे हैं. हमारे पास वेनेजुएला को लेकर कई विकल्प हैं, जिनमें जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प भी शामिल है.'

ट्रंप की इस धमकी पर गुएरा ने कहा था कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में अमेरिकी सेना भेजी, तो वो राइफलों के साथ व्हाइट हाउस पर कब्जा कर लेंगे.

वेनेजुएला के सरकारी मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा था, 'अगर मातृभूमि पर हमला होता है तो हमारी राइफलें न्यूयॉर्क पहुंचेंगी. मिस्टर ट्रंप, हम आएंगे और व्हाइट हाउस पर कब्जा कर लेंगे.'

इस बयान के बाद वो अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे. 2021 से गुएरा सत्तारूढ़ यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी के विधायक के तौर पर वेनेजुएला की नेशनल असेंबली में शामिल हैं. माना जा रहा है कि अगर अमेरिका मादुरो के साथ सख्ती करता है तो उनके बेटे भविष्य में वेनेजुएला के राष्ट्रपति हो सकते हैं.

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