ट्रंप की दहाड़- मेरे राष्ट्रपति रहते ईरान नहीं हासिल कर पाएगा परमाणु हथियार

ईरान से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मैं राष्ट्रपति हूं तब तक ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा.

Advertisement
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्र को संबोधन (तस्वीर-PTI) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का राष्ट्र को संबोधन (तस्वीर-PTI)

aajtak.in

  • ,
  • 08 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

  • ट्रंप की ईरान को चेतावनी- नहीं हासिल करने देंगे परमाणु हथियार
  • ईरान के खिलाफ एकजुट हो नाटो, विश्व शांति के लिए यह जरूरी
  • अमेरिका के पास पर्याप्त ईंधन, मध्य-पूर्व की नहीं है कोई जरूरत

ईरान से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मैं राष्ट्रपति हूं तब तक ईरान परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान के अस्थिर राष्ट्र होने के दिन खत्म होने वाले हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान द्वारा मिसाइल हमले में एक भी अमेरिकी की मौत नहीं हुई है.

Advertisement

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा ईरान का अब पतन हो रहा है, जो दुनिया के लिए बेहद अच्छा है. ईरान को परमाणु हथियार बनाने की महत्वाकांक्षा छोड़नी ही होगी. ईरान को आतंकवाद का समर्थन छोड़ना होगा. हम ईरान के साथ ऐसा समझौता करने की कोशिश करेंगे जिससे दुनिया को शांति की ओर बढ़ाया जा सके.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान एक बेहतर देश हो सकता है. शांति और स्थिरता मध्य-पूर्व में तब तक स्थापित नहीं हो सकती है, जब तक ईरान में हिंसा जारी रहेगी. विश्व को एकजुट होकर ईरान के खिलाफ यह संदेश जारी करना होगा कि ईरान की ओर से चलाए जा रहे टेरर कैंपेन को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

मध्य पूर्व में नाटो की भूमिका बढ़ाने की जरूरत

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मध्य-पूर्व में नाटो की भूमिका को बढ़ाने की जरूरत है. जनरल कासिम सुलेमानी पूरे विश्व में सिविल वॉर की स्थिति पैदा कर रहा था. उसके इस प्रयास में हमारे हजारों सैनिक मारे गए हैं. ईरान हमारी सहायता करने के बजाय अमेरिका के मौत की मांग कर रहा था. ईरान आतंक के रास्ते पर आगे बढ़ा और

Advertisement

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ चीन, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन को अमेरिका का  साथ देना चाहिए. उन्होंने कहा कि ईरानी कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी अमेरिका के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहा था. उन्होंने कहा कि हमने बगदादी को भी मार दिया था.

जनरल कासिम सुलेमानी था आतंकवादी

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'ईरानी कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी आतंकवादी था. उसने अमेरिकी नागरिकों की हत्या की थी. ईरान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का साथ देना चाहिए, लेकिन वह आतंकवाद का प्रयोजक बन गया है. डोनाल्ट ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने आईएसआईएस के '

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के ऊपर और भी कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे. पेट्रोलियम और  ईंधन पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त ऑयर और नेचुरल गैस है. अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है. हमें मध्य-पूर्व से तेल लेने की जरूरत नहीं है.

अमेरिकी मिसाइलों का निशाना बेहद सटीक

अर्थव्यवस्था और सेना का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम बल का प्रयोग नहीं करना चाहते अमेरिका के पास अर्थव्यवस्था और सेना अलग स्थिति में है, जो सबसे बेहतर है. हमारे पास बड़ी ताकतवर मिसाइलें हैं जिनका निशाना बेहद सटीक है.

अमेरिकी एयर स्ट्राइक में सुलेमानी की मौत

Advertisement

दअरसल 3 जनवरी को अमेरिका ने . इस एयर स्ट्राइक में इलाइट कुड्स फोर्स के हेड ईरानी मेजर जनरल कासिम सुलेमानी, इराकी मिलिशिया कमांडर अबू महदी अल-मुहांडिस समेत 7 लोगों की मौत हो गई थी. सुलेमानी की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी दुश्मनी और बढ़ गई थी. खुलकर दोनों देश अब एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं.

वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्डस कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई में इराक में अमेरिकी पर मिसाइल हमला किया. सतह से सतह तक मार करने वाली मिसाइलें सामरिक एयरबेस पर दागी गईं जिसकी पुष्टि व्हाइट हाउस और पेंटागन ने भी की.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement