अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों से शुरू हुई महाजंग में अब सीजफायर का ऐलान कर दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो डेडलाइन दी थी, उसके खत्म होने से ठीक पहले ही ट्रंप ने दो हफ्तों के लिए युद्ध रोकने की घोषणा कर दी.
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि, “मैं दो हफ्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को स्थगित करने पर सहमत हूं,” और इसे व्यापक युद्धविराम की दिशा में एक कदम बताया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है. वहीं, ईरान ने जंग रोकने के लिए 10-Points का प्रस्ताव भेजा है.
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WhiteHouse ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा है कि ईरान का दशकों पुराना आतंकवाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में जारी नहीं रहेगा.
ट्रंप ने Fox News से नेगोशिएशन पर अपनी राय देने से इनकार करते हुए कहा कि “मैं आपको नहीं बता सकता, क्योंकि इस समय हम बेहद गंभीर बातचीत कर रहे हैं.” उन्होंने पाकिस्तान द्वारा दो हफ्ते की डेडलाइन बढ़ाने के अनुरोध पर भी टिप्पणी करने से भी मना कर दिया. ट्रंप ने कहा कि इस पर पूरी जानकारी दी जाएगी.
(Input: Rohit Sharma)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय की गई डेडलाइन जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, ईरान में आशंका बढ़ रही है कि अगर बिजली संयंत्रों पर हमला हुआ, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है, तो लोगों को समस्या हो सकती है. समय-सीमा के करीब आते ही तेहरान के निवासी बोतलबंद पानी जमा करने, मोबाइल फोन चार्ज करने, टॉर्च और पावर बैंक इकट्ठा करने में जुट गए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सभी युद्धरत पक्षों से अपील की है कि वे दो हफ्तों तक युद्धविराम का पालन करें. शहबाज शरीफ ने ईरान सेअनुरोध किया कि सद्भावना के तौर पर इसी अवधि के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला जाए. साथ ही, शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी अपील की है कि ईरान को दी गई डेडलाइन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाया जाए.
आईडीएफ ने ईरान में सोनार सिस्टम और पनडुब्बी पहचान प्रणाली बनाने वाली सबसे महत्वपूर्ण साइट पर हमला किया. आईडीएफ ने कहा कि वह ईरानी शासन की सभी प्रणालियों और उसकी क्षमताओं को लगातार नुकसान पहुंचा रहा है.
अमेरिकी साइबर सुरक्षा, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों ने कहा कि मौजूदा तनाव के जवाब में ईरान से जुड़े हैकिंग अभियान तेज हो गए हैं, जो अमेरिका के कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को निशाना बना रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि वो ईरान की सभ्यता खत्म कर देंगे और ऐसा खत्म करेंगे कि ये दोबारा पनप नहीं सकेगी. ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान ने अपने नागरिकों को बचाने की पूरी तैयारी कर ली है. जानकारी के मुताबिक, ईरान के एकमात्र न्यूक्लियर प्लांट वाले शहर बुशहर में लोगों ने तो न्यूक्लियर हमले से बचने की तैयारियां की हैं.