US-Israel-Iran War Latest News & LIVE Updates: हॉर्मुज़ स्ट्रेट में गहराता संकट, पहले से ही नाज़ुक US-ईरान संबंधों में एक खतरनाक तनाव का संकेत है. इसके साथ ही, भारतीय समयानुसार सोमवार, (IST) 7:30 बजे से ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की व्यापक नौसैनिक नाकेबंदी प्रभावी हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि ईरान बहुत बुरी तरह से एक समझौता चाहता है और यह भी बताया कि संबंधित लोगों ने उनसे संपर्क करके बातचीत की इच्छा जताई है. ट्रंप ने चेतावनी भी दी है कि नाकेबंदी के करीब आने वाले किसी भी ईरानी 'तेज़ हमलावर जहाज़' को तुरंत खत्म कर दिया जाएगा.
अमेरिका की तरफ से यह नाकेबंदी पाकिस्तान में वीकेंड पर हुई असफल बातचीत के बाद लागू की गई है. उस बातचीत में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को विफलता के लिए दोषी ठहराया था. अमेरिका ने ईरान के अपने परमाणु कार्यक्रमों को छोड़ने से इनकार करने का हवाला दिया, जबकि तेहरान ने वॉशिंगटन पर 'अत्यधिक मांगें थोपने, लक्ष्य बदलते रहने और नाकेबंदी' का आरोप लगाया, जिससे दोनों के बीच अविश्वास और गहरा गया है. इस बीच, ईरान ने इस कदम को सिरे से खारिज करते हुए समुद्री आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियों को एक गैर-कानूनी कृत्य बताया है. साथ ही, उसके नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट संकेत दिया है कि वह किसी भी धमकी के आगे घुटने नहीं टेकेगा.
ज़मीनी स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और ईरान के सशस्त्र बलों को 'पूर्ण युद्ध-तैयारी' की स्थिति में रखा गया है. इसके दूरगामी प्रभाव अभी से दिखाई देने लगे हैं, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. फ्रांस, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक में आवाजाही की स्वतंत्रता को बहाल करने के लिए मिलकर कोशिश करने की बात कही है. वहीं दूसरी तरफ, लेबनान में इज़रायली सेना और हिज़्बुल्लाह के बीच जारी आपसी हमलों के कारण कूटनीतिक प्रयास भी बाधित हो गए हैं. कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि फिलहाल कूटनीतिक माध्यमों में तनाव तो है, लेकिन वे पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं.
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ईरान के सांसद इब्राहिम रजाई ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए संघर्ष विराम की अवधि तब तक नहीं बढ़ाई जानी चाहिए, जब तक ईरान की मांगें पूरी नहीं होतीं. संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता रजाई ने चेतावनी दी कि या तो हॉर्मुज पर ईरान के नियंत्रण जैसे अधिकारों को मान्यता दी जाए, या फिर वो दोबारा युद्ध शुरू कर देंगे. उन्होंने सोशल मीडिया पर ये भी कहा कि अगर ईरान की मांगें नहीं मानी गईं, तो इसका मतलब ये होगा कि अमेरिका और इजरायल युद्ध को जारी रखना चाहते हैं.
शिन्हुआ के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को बीजिंग में संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए चार सूत्री प्रस्ताव रखा.
शिन्हुआ ने बताया कि इस प्रस्ताव में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत का पालन, राष्ट्रीय संप्रभुता के सिद्धांत का पालन, अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के सिद्धांत का पालन और विकास एवं सुरक्षा के समन्वय का पालन शामिल है.
इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने बताया कि शुक्रवार रात दक्षिणी लेबनान में एक हमवी (विमान वाहन) के पलटने से इजरायली सेना के एक आरक्षित सैनिक की मौत हो गई और तीन अन्य सैनिक घायल हो गए. मृतक की पहचान सार्जेंट मेजर (रिटायर्ड) आयल उरियल बियान्को के रूप में हुई है जो कात्ज़रीन के 188वें बख्तरबंद ब्रिगेड में अग्निशमन वाहन चालक थे.
इसी घटना में तीन अन्य आरक्षित सैनिक घायल हो गए, जिनमें से एक को मध्यम और दो को मामूली चोटें आई हैं। IDF ने बताया कि सभी को चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इशाक डार ने सोमवार को फोन पर बातचीत की, जिसमें वांग यी ने पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष को फिर से भड़कने से रोकने और संघर्ष के बाद हुए सीजफायर को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने पर जोर दिया है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के अनुसार, डार और वांग ने इस्लामाबाद में हाल ही में संपन्न त्रिपक्षीय वार्ता पर अपने विचार साझा किए.
दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज. यहां से दुनिया का करीब 20-21 प्रतिशत तेल गुजरता है. अप्रैल 2026 में अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक ब्लॉकेड लगा दिया है. इसके बाद चीन और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. चीन को तेल की जरूरत के लिए होर्मुज पर निर्भर रहना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि समंदर में चीन कितना पावरफुल है?. यहां पढ़ें पूरी खबर...
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच शांति वार्ता फेल होने के बाद तीनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है. ईरान शुरू से सीजफायर के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है. अब खबर है कि ईरान ने मिडिल-ईस्ट के पांच बड़े देशों से युद्ध में हुए नुकसान के लिए मुआवजा मांगा है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार को बातचीत का नया दौर शुरू हो सकता है. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से सामने आई इस जानकारी में बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच नई वार्ता की तैयारी चल रही है. अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस बैठक की तैयारी पूरी कर ली गई है. क्षेत्र में शांति बहाली और हालिया तनावपूर्ण स्थितियों के मद्देनजर यह चर्चा काफी अहम मानी जा रही है. यहां पढ़ें पूरी खबर....
अमेरिका-ईरान के बीच हुए अस्थायी सीजफायर के युद्ध को टालने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास जारी हैं. इसी बीच ईरान ने मिडिल ईस्ट के 5 देशों से मुआवजे की मांग की है. एक अधिकारी ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने पांच देशों से मुआवजे की मांग की है, जिसमे बहरीन, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन शामिल है. ईरानी प्रतिनिधि का कहना है कि इन देशों ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध अपराध में भाग लिया.
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी, आईआरएनए ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि, अमीर-सईद इरावानी ने दावा किया कि इन देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है और उन्हें 'इस्लामिक गणराज्य ईरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई करनी होगी, जिसमें उनके अंतरराष्ट्रीय उल्लंघनों के परिणामस्वरूप हुए सभी फिजिकल (भौतिक) और नैतिक नुकसानों का मुआवजा भी शामिल है.'
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वाशिंगटन ने ईरान के साथ बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब अगला कदम तेहरान पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में कदम उठाएगा और चेतावनी दी कि अगर वह ऐसा करने में विफल रहता है तो बातचीत की दिशा बदल जाएगी.
व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को चीन में अमेरिका के राजदूत के साथ एक बैठक में हिस्सा लेंगे.
US के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान के साथ बातचीत में काफी प्रगति की है और अब अगला कदम तेहरान को उठाना है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को फिर से खोलने की दिशा में कदम उठाएगा और चेतावनी दी है कि अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो बातचीत की दिशा बदल जाएगी.
सोमवार (13 अप्रैल) को तेहरान में हज़ारों लोगों ने ईरानी सरकार के समर्थन में और अमेरिका द्वारा स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को ब्लॉक करने के ख़िलाफ़ रैली की. सोमवार को तेल की क़ीमतें लगभग 4% बढ़ गईं. ऐसा तब हुआ, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदरगाहों से निकलने वाले जहाज़ों की नाकेबंदी शुरू कर दी और तेहरान ने अपने खाड़ी पड़ोसी देशों के बंदरगाहों पर जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी. इससे ऊर्जा आपूर्ति में और ज़्यादा रुकावटों का डर बढ़ गया, क्योंकि ईरान युद्ध को ख़त्म करने के लिए सप्ताहांत में हुई बातचीत टूट गई थी. होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर के लगभग 20% तेल और लिक्विफ़ाइड नेचुरल गैस का प्रवाह होता है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से कहा कि मध्य-पूर्व में किसी भी नई दुश्मनी को रोकना बेहद ज़रूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस किसी समझौते तक पहुंचने में मदद करने के लिए तैयार है.
UN के प्रवक्ता स्टीफ़न दुजारिक के मुताबिक, UN के मानवीय सहायता कार्यालय ने बताया है कि इज़रायली अधिकारियों ने 40 से ज़्यादा दिनों में पहली बार उत्तरी गाज़ा में ज़िकिम क्रॉसिंग को फिर से खोल दिया है. उन्होंने बताया कि वीकेंड में सामान उतारा गया और सोमवार को UN ने गाज़ा के अंदर सामान इकट्ठा करना फिर से शुरू कर दिया. इसकी शुरुआत भोजन, पोषण उत्पादों और अन्य मानवीय सहायता से हुई.
हाल ही में पांच अंतर्राष्ट्रीय सहायता समूहों ने चेतावनी दी थी कि ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से गाज़ा में मानवीय हालात और भी ज़्यादा बिगड़ गए हैं.
इज़रायली सैनिकों ने सोमवार को दक्षिणी लेबनान के एक रणनीतिक शहर पर कब्ज़ा करने के लिए हमला शुरू किया. इस शहर में हिज़्बुल्लाह के लड़ाके जमे हुए थे. इज़रायल और लेबनान की सरकारों के दूतों के बीच होने वाली बातचीत से ठीक एक दिन पहले, ईरान समर्थित इस समूह के साथ संघर्ष और बढ़ गया है.
रॉयटर्स के मुताबिक, यूरोपीय आयोग ने सोमवार को कहा कि वह सदस्य देशों को सार्वजनिक धन का उपयोग करने में अधिक लचीलापन देना चाहता है, जिससे वे व्यवसायों को बढ़ते ईंधन और उर्वरक की कीमतों से बचा सकें. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि सरकारें ईरान युद्ध के कारण कीमतों में आए उछाल से होने वाले आर्थिक नुकसान को कम करने की कोशिश में जुटी हैं.
अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों से निकलने वाले जहाजों पर नाकाबंदी की घोषणा के बाद तेल की कीमतें लगभग 6% बढ़कर $100 प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं. इससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावट आने की आशंका और बढ़ गई है.
हिज़्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम ने कहा है कि दक्षिणी लेबनान में सीमावर्ती गांवों को गिराकर 'बफ़र ज़ोन' बनाने की इज़रायल की योजना फेल हो जाएगी और ज़ोर देकर कहा कि यह इलाका लेबनान के कंट्रोल में ही रहेगा. कड़े शब्दों में, कासिम ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस संघर्ष के किसी भी समाधान की शुरुआत विस्थापित निवासियों की वापसी और पुनर्निर्माण की कोशिशों से ही होनी चाहिए.
उन्होंने कहा, "विस्थापित निवासियों की वापसी और पुनर्निर्माण, किसी भी अन्य चीज़ से पहले, इस आक्रामकता को खत्म करने के लिए दो अनिवार्य शर्तें हैं."
हिज्बुल्लाह प्रमुख ने यह भी कहा कि लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. इन सभी का पुनर्निर्माण किया जाएगा. यह सारा इलाका लेबनान का ही रहेगा. लेबनान का इलाका एक मीटर भी कम नहीं होगा.