भारतीय मूल के ब्रिटिश चांसलर और ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक एक बार फिर अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति को लेकर सवालों के घेरे में हैं. विपक्षी लेबर पार्टी ने उनसे जवाब मांगा है कि वो बताएं कि ऐसे समय में जब ब्रिटेन में लाखों लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जा रहा है, उनके परिवार ने कितना टैक्स बचाया है. इसे लेकर सुनक की पत्नी की तरफ से खुलासा किया गया है कि उन्हें ब्रिटेन के बाहर की अपनी कमाई पर कोई कर नहीं देना पड़ता क्योंकि उनके पास भारत की नागरिकता है.
अक्षता मूर्ति के प्रवक्ता ने हालांकि बीबीसी को ये जरूर बताया है कि वो ब्रिटेन में कानूनी रूप से जरूरी सभी टैक्स का भुगतान करती हैं. दरअसल, पिछले हफ्ते ब्रिटेन के अखबारों में छपा कि सरकार राष्ट्रीय बीमा पर टैक्स बढ़ा रही है. सरकार का कहना है कि इस वृद्धि से 39 अरब पाउंड की वसूली होगी जिसे स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण पर खर्च किया जा सकता है.
इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए लेबर पार्टी ने कहा कि ये चौंकाने वाला है कि एक तरफ सरकार लाखों परिवारों पर टैक्स का बोझ लाद ही है और दूसरी तरफ ऋषि सुनक के परिवार को कर कटौती की योजनाओं से लाभ मिल रहा है.
पार्टी की ट्रेजरी मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक ने ऋषि सुनक से तत्काल यह बताने के लिए कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने मिलकर कितना कर बचाया है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अक्षता मूर्ति की प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि ब्रिटेन के कानून के अनुसार, मूर्ति को ब्रिटेन में टैक्स देने के लिए यहां का नागरिक होना चाहिए जो कि वो नहीं हैं.
प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, 'अक्षता मूर्ति हमेशा से ब्रिटेन की अपनी कमाई पर टैक्स देती आई हैं और अपनी विदेशी कमाई पर वो विदेशों में टैक्स का भुगतान करती हैं.'
नारायण मूर्ति की बेटी हैं अक्षता मूर्ति
पेशे से फैशन डिजाइनर अक्षता मूर्ति के पास भारतीय पासपोर्ट है. उनका जन्म 1980 में हुआ था. उनके पिता नारायण मूर्ति आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापक हैं. ऋषि और अक्षता की शादी साल 2009 में हुई थी. अक्षता के पास इंफोसिस का 1% से थोड़ा कम शेयर भी है जिसकी कीमत पिछले महीने 500 करोड़ पाउंड से अधिक होने का अनुमान लगाया गया था. वो ब्रिटेन की कई कंपनियों से भी जुड़ी हुई हैं.
हालिया विवाद पर मूर्ति की प्रवक्ता ने कहा, 'अक्षता मूर्ति भारत की नागरिक हैं. भारत में उनका जन्म हुआ था, वहीं उनके माता-पिता का घर है. भारत अपने नागरिकों को एक साथ दूसरे देश की नागरिकता रखने की अनुमति नहीं देता है.'
इससे पहले भी अक्षता मूर्ति को लेकर ऋषि सुनक को सवालों का सामना करना पड़ा था. दरअसल, यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर रूस पर अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई देशों ने कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. लेकिन इंफोसिस ने रूस में अपना काम जारी रखा है. इसी बात को लेकर सुनक से पत्रकारों ने सवाल किया कि एक तरफ तो वो रूस पर प्रतिबंध और कड़े करने की बात कर रहे हैं लेकिन दूसरी तरफ उनके आदेशों को उनके घर में ही नहीं माना जा रहा.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनक ने कहा था कि उनकी पत्नी कोई चुनी हुई नेता नहीं है. उन्होंने कहा था कि इंफोसिस के कामों के लिए वो जिम्मेदार नहीं हैं और जिस काम की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, वो वही कर रहे हैं.
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