लंदन कोर्ट से भारत को झटका, हत्यारे दंपति को सौंपने पर फैसला टला

भारतीय मूल के ब्रिटिश दंपति पर आरोप है कि उन्होंने गोद लिए गए बच्चे और उसके बहनोई की हत्या कर भाग गए थे. भारत सरकार ने ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी. इसी को लेकर मंगलवार को लंदन हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. हाई कोर्ट ने इस मामले में फैसला टाल दिया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 8:34 PM IST

  • बीमा की रकम हड़पने के लिए बच्चे की हत्या
  • हत्या के बाद ब्रिटेन भाग गया था आरोपी दंपति

लंदन की हाई कोर्ट ने भारतीय दंपति के प्रत्यार्पण के मामले में सुनवाई की. भारतीय मूल के ब्रिटिश दंपति पर आरोप है कि उन्होंने गोद लिए गए बच्चे और उसके बहनोई की हत्या कर भाग गए थे. भारत सरकार ने ब्रिटेन से उनके प्रत्यार्पण की मांग की थी. इसी को लेकर मंगलवार को लंदन हाई कोर्ट में सुनवाई हुई.

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भारतीय मूल के ब्रिटिश दंपति के प्रत्यार्पण के मामले में मंगलवार को लंदन हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फिलहाल दोनों को भारत को सौंपने से इनकार कर दिया है. अब अगले सप्ताह इस पर फैसला होगा. आरती धीर और उसके पति केवल रायजादा पर आरोप है कि उन्होंने गोद लिए गए 11 साल के बच्चे और उसके बहनोई की हत्या कर दी थी. ये हत्या बीमा रकम क्लेम करने के लिए की थी. हत्या के बाद वे ब्रिटेन भाग गए थे.

1.3 करोड़ की रकम हड़पने के लिए रची साजिश

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भारत ने ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की मांग की थी. इस पर सुनवाई करते हुए पिछले साल जुलाई में वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने उन्हें भारत सौंपने से इनकार कर दिया था. इसके बाद भारत ने इसकी सुनवाई के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मंगलवार को सुनवाई के दौरान दो जजों की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया. दोनों ने जून 2017 में घटना को अंजाम दिया था. गुजरात पुलिस ने जांच के बाद दावा किया था कि दोनों ने बच्चे को गोद लेने के पहले ही साजिश रची थी. गोद लेने के बाद 1.3 करोड़ रुपये का बीमा कराया और फिर बीमा राशि हड़पने के लिए उनकी हत्या कर दी.

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वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने प्रत्यर्पण से इनकार करते हुए कहा था हत्या का दोष सिद्ध होने पर उन्हें मृत्यु दंड दिया जा सकता है. जबकि यूरोपियन यूनियन अमानवीय कृत्य मानता है, इसलिए दंपति को भारतीय एजेंसियों के हवाले नहीं किया जा सकता है.

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2017 में राजकोट में की गई हत्या

राजकोट में 8 फरवरी 2017 को कुछ अज्ञात बदमाशों ने 12 वर्षीय गोपाल अजानी को अगवा करने की कोशिश की थी. लेकिन नाकाम होने पर उन्होंने बच्चे पर चाकू से वार करके उसे मौत के घाट उतार दिया था. इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. पुलिस तभी से कातिलों की तलाश कर रही थी. लेकिन जब पुलिस ने मामले का खुलासा किया तो हर कोई हैरान रह गया.

इस कत्ल के मामले में जांच के बाद पुलिस बच्चे के कातिल तक जा पहुंची. ये कोई और नहीं बल्कि उसकी एनआरआई मां आरती धीर थी. उस महिला ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पहले बच्चे को गोद लिया फिर उसका बीमा करवाया था और बाद में बीमा राशि हड़पने के लिए हत्या को अंजाम दिया.

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