ट्रंप की पार्टी से क्यों जुड़ीं? तुलसी गबार्ड ने दिया ये जवाब, पढ़ें- बाइडेन और हैरिस पर क्या-क्या कहा

2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदारी ठोंक चुकी तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन पार्टी ज्वॉइन करने के सवाल पर कहा कि मैंने कई साल पहले ही डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ दी थी क्योंकि आज के समय में डेमोक्रेटिक पार्टी ऐसे नेताओं के नियंत्रण में हैं या इसकी अगुवाई ऐसे नेता कर रहे हैं, जिन्हें युद्ध पसंद है.

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तुलसी गबार्ड तुलसी गबार्ड

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 2:21 PM IST

अमेरिका की पहली हिंदू नेता और पूर्व डेमोक्रेट नेता तुलसी गबार्ड बुधवार को रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हो गई हैं. उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की ओर से पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पार्टी ज्वॉइन कर ली. इस दौरान उन्होंने ट्रंप की जमकर तारीफ की जबकि बाइडेन और कमला हैरिस की नीतियों के लिए उन पर जमकर निशाना साधा.

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2020 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदारी ठोंक चुकी तुलसी गबार्ड ने रिपब्लिकन पार्टी ज्वॉइन करने के सवाल पर कहा कि मैंने कई साल पहले ही डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़ दी थी क्योंकि आज के समय में डेमोक्रेटिक पार्टी ऐसे नेताओं के नियंत्रण में हैं या इसकी अगुवाई ऐसे नेता कर रहे हैं, जिन्हें युद्ध पसंद है. डेमोक्रेटिक पार्टी अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाने वाली पार्टी है, जो कानून का पालन नहीं करती. मैंने इस पर एक किताब भी लिखी है कि आखिर मैंने डेमोक्रेटिक पार्टी क्यों छोड़ी. 

उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इस चुनाव में मेरे लिए यह चुनना काफी आसान था कि मैं रिपब्लिकन पार्टी में क्यों शामिल हो जाऊं? दरअसल यह लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है. उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के नेतृत्व में चार सालों में हमारी लोकतंत्र का पतन हुआ है, डेमोक्रेटिक पार्टी राजनीतिक प्रतिशोध वाली पार्टी है. मैंने निजी तौर पर इसे झेला है.

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तुलसी ने कहा कि मैंने मुखर होकर कमला हैरिस की नीतियों की आलोचना की कि इनकी वजह से हमारी अर्थव्यवस्था तबाह हो गई है, महंगाई बढ़ गई है, देश में क्राइम बढ़ गया है. हमारी विदेश नीति हर मोर्चे पर असफल रही है. ऐसे समय में ट्रंप ही हमारी उम्मीद है, इस देश को वापस पटरी पर लाने के लिए ट्रंप उम्मीद है.

यह पूछे जाने पर कि इस समय दुनिया में कई मोर्चों पर युद्ध लड़ा जा रहा है. ऐसे में अगर ट्रंप राष्ट्रपति चुने जाते हैं तो वह रूस-यूक्रेन युद्ध और मिडिल ईस्ट में लड़ी जा रही जंग को किस तरह से रोकेंगे? इस पर तुलसी ने कहा कि आपको यह समझने की जरूरत है कि ये युद्ध अचानक से नहीं हुए हैं. इन युद्धों को भड़काने में राष्ट्रपति बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की बड़ी भूमिका है. इसके लिए इन दोनों को जिम्मेदार ठहराए जाने की जरूरत है. ऐसे में ये पूछना कि ट्रंप इन युद्धों को किस तरह रोकेंगे. इसके बजाए इन युद्ध को भड़काने के लिए बाइडेन और कमला हैरिस की जवाबदेही तय की जानी चाहिए.

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