बलूचिस्तान के इस शख्स ने इमरान को किया बेनकाब, PAK को बताया मानवता पर धब्बा

संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर पर दुनिया को गुमराह करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बलूचिस्तान के एक शख्स ने बेनकाब कर दिया है. सेंट्रल काउंसिल मेंबर ऑफ फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट के शम्स बलोच ने कहा है कि हमारा मकसद पाकिस्तान के असली चेहरे को सामने लाना है. इससे दुनिया को पता चलेगा कि पाकिस्तान मानवता पर धब्बा है.

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बलूचिस्तान मामले में घिरते जा रहे हैं पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान (FB) बलूचिस्तान मामले में घिरते जा रहे हैं पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान (FB)

aajtak.in

  • न्यूयॉर्क,
  • 27 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 12:09 PM IST

  • शक्ति का इस्तेमाल करके पाक ने बलूचिस्तान पर नियंत्रण हासिल कियाः शम्स बलोच
  • 'पाकिस्तान भारत और बलूचिस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया और मानवता के लिए वायरस'
संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर पर दुनिया को गुमराह करने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को बलूचिस्तान के एक शख्स ने बेनकाब कर दिया है. सेंट्रल काउंसिल मेंबर ऑफ फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट के नेता शम्स बलोच ने इमरान खान पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारा मकसद पाकिस्तान के असली चेहरे को सामने लाना है. इससे दुनिया को पता चलेगा कि पाकिस्तान मानवता पर धब्बा है.

न्यूयॉर्क में शम्स बलोच ने कहा कि शक्ति का इस्तेमाल करके पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर नियंत्रण हासिल किया है. पाकिस्तान न केवल भारत, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान के लिए बल्कि पूरी दुनिया और मानवता के लिए एक वायरस है.

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अमेरिका में बलोच आंदोलनकारियों का प्रदर्शन

ह्यूस्टन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारतीय मूल के लोगों के संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में सिंधी, बलूच और पश्तो समुदाय के लोग वहां पहुंचे और उन लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ एनआरजी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन किया.

इस . बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान घिरता जा रहा है. प्रदर्शनकारियों के पोस्टर पाकिस्तान के खिलाफ हैं और उन पर लिखा हुआ है कि बलूचों की जिंदगी भी कीमती है.

क्या पाकिस्तान सुधरेगा?

बलूचिस्तान के आंदोलनकारियों के पोस्टर्स में संयुक्त राष्ट्र से गुहार लगाई जा रही है कि बलूचिस्तान मामले में संयुक्त राष्ट्र दखल दे, बलूचिस्तान में लापता हुए लोगों को वापस लाया जाए. बलूचिस्तान मूवमेंट का कैंपेन पूरे न्यूयॉर्क में चल रहा है.

पिछले दिनों जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के सत्र के दौरान भी बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे. पाकिस्तान से आजादी की मांग कर रहे बलूचिस्तानी लोगों ने इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सामने क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना के 'अत्याचारों' को उजागर करते हुए अपनी बात रखी थी.

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