महिला अधिकारों के दमन को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के निशाने पर रहने वाले मुस्लिम देश सऊदी अरब ने हाल के सालों में महिलाओं के लिए कई सुधार किए हैं. अब सऊदी किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज अल-सऊद ने महिलाओं को मंत्रिपरिषद में भी जगह देनी शुरू कर दी है. सऊदी ने इस बार अपने मंत्रिमंडल में बदलाव के दौरान दो महिलाओं, हाइफा बिन्त मोहम्मद और शिहाना अलजाज को मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाया है.
किंग सलमान ने राजकुमारी हाइफा बिन्त मोहम्मद को सऊदी अरब का पर्यटन उप मंत्री और शिहाना अलजाज को मंत्रिपरिषद के उप महासचिव के पद पर नियुक्त किया है. रविवार को किंग सलमान की तरफ से शाही फरमान जारी कर इसकी घोषणा की गई.
अलजाज सऊदी अरब की वकील बनने वाली पहली महिलाओं में से एक थीं. उन्होंने ब्रिटेन के दुरहम यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है. वो सरकारी निवेश कोष में वकील के पद पर काम कर चुकी हैं. फोर्ब्स मिडिल ईस्ट ने साल 2020 में अलजाज को 100 सबसे अधिक प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया था.
वहीं, राजकुमारी हाइफा अल सऊद की बात करें तो, उन्होंने अमेरिका के न्यू हेवन विश्वविद्यालय में बिजनेस एडमिनीस्ट्रेशन की पढ़ाई की है. लंदन बिजनेस स्कूल, यूके से उन्होंने एमबीए भी किया है. राजकुमारी हाइफा साल 2014 में स्थापित गैर-लाभकारी संगठन द एम्पावरमेंट हब के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. ये एनजीओ महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का काम करता है.
पर्यटन उप मंत्री होने के अलावा, राजकुमारी हाइफा नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, पर्यटन विकास कोष और पर्यटन विकास परिषद के निदेशक मंडल में भी शामिल हैं.
प्रिंस सलमान के आने से बदली महिलाओं की स्थिति
सऊदी अरब के शाही गद्दी के दावेदार क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने महिला अधिकारों के क्षेत्र में कई बड़े काम किए हैं. सऊदी अरब में पहले महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत नहीं थी. इसे लेकर कई महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद साल 2018 में सऊदी की महिलाओं को ड्राइविंग की इजाजत मिली. हालांकि जिन महिलाओं ने ड्राइविंग के हक की लड़ाई लड़ी, उनमें से कईयों को जेल में डाला गया था जिसे लेकर प्रिंस सलमान को काफी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी.
सऊदी की महिलाओं को पहले बाहर काम करने की भी अनुमति नहीं थी लेकिन अब सऊदी में सभी नागरिकों को बिना किसी लैंगिक भेदभाव के काम का अधिकार है. महिलाएं पहले अपने घर के पुरुषों की मर्जी के बगैर विदेश यात्रा नहीं कर सकती थी लेकिन साल 2019 में सऊदी ने महिलाओं को बिना किसी पुरुष रिश्तेदार की अनुमति के पासपोर्ट आवेदन करने की इजाजत दी. अब सऊदी की 21 साल से अधिक उम्र की महिलाएं अपनी मर्जी से कहीं भी आ-जा सकती हैं.
सऊदी अरब ने हाल ही में महिलाओं के सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनने की अनिवार्यता को भी समाप्त कर दिया है. अब वहां की महिलाएं बिना हिजाब और बिना अपने बालों को ढके सार्वजनिक स्थानों पर दिख रही हैं. वो ऑफिस आदि जगहों पर बिना हिजाब के जा रही हैं.
क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का कहना है कि वो देश को आधुनिक बनाने की योजना के तहत ये सब काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि ये महिला सुधार उनके 'विजन 2030' का हिस्सा हैं जिसके तहत वो सऊदी अरब को उदार इस्लामिक देश बनाना चाहते हैं.
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