बांग्लादेश हिंसा को लेकर दुनियाभर के इस्कॉन मंदिरों में प्रदर्शन, मरने वालों के लिए जलेंगे दीये

बांग्लादेश में इस्कॉन नोआखली मंदिर में तोड़फोड़ के बाद से दुनियाभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इसको लेकर दुनियाभर के इस्कॉन मंदिर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक 12 घंटे तक विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

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Isckon temple protest for Bangladesh violence Isckon temple protest for Bangladesh violence

सूर्याग्नि रॉय

  • नई दिल्ली,
  • 23 अक्टूबर 2021,
  • अपडेटेड 3:03 PM IST
  • दुनियाभर के इस्कॉन मंदिरों में प्रदर्शन
  • मरने वालों के लिए जलाए जाएंगे दीये

बांग्लादेश में इस्कॉन नोआखली मंदिर में तोड़फोड़ के बाद से देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर दुनियाभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. बांग्लादेश के नोआखली में पिछले शुक्रवार को हुए हमले में दो लोगों की मौत की खबर है. इसको लेकर दुनियाभर के इस्कॉन मंदिर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक 12 घंटे तक विरोध प्रदर्शन हो रहा है. तय हुआ है कि दिन में प्रार्थना की जाएगी शाम को, इस्कॉन ने बांग्लादेश में मरने वालों के लिए दीया और मोमबत्तियां जलाई जाएंगी.

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इस्कॉन के राधाराम दास ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, "टोक्यो से टोरंटो तक, हम बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ उसके लिए प्रार्थना और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.  हमें उम्मीद है कि बांग्लादेशी सरकार सख्त कदम उठाएगी. जो हुआ उससे हम निराश हैं." उन्होंने कहा कि 150 देशों के 700 से ज्यादा मंदिरों में ये विरोध होगा. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि बांग्लादेश में गिरफ्तार आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए.

दास ने कहा, "हम चाहते हैं कि बांग्लादेशी सरकार इकबाल हुसैन को फांसी दे क्योंकि उसने बड़े पैमाने पर हिंसा की थी. हमने सुना था कि कुछ लोगों ने दावा किया था कि जिन लोगों ने कुरान को पंडाल में रखा है और उनका अपमान किया है, उनका सिर कलम कर दिया जाना चाहिए, अब वे सभी चुप हैं."

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बता दें कि पिछले हफ्ते कोमिला में एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान की एक प्रति रखने के आरोपी इकबाल हुसैन को बांग्लादेश में पुलिस ने गुरुवार रात कॉक्स बाजार से गिरफ्तार किया था. दुर्गा पूजा पंडालों पर हमलों के कम से कम तीन लोगों के मारे जाने के कुछ दिनों बाद, बांग्लादेश के कोमिल्ला की पुलिस का कहना है कि इसके लिए इकबाल ही जिम्मेदार था. 

 

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