...जब रवांडा के इस गांव में 200 गाय दान करने पहुंचे मोदी

नरेंद्र मोदी 1994 नरसंहार में मारे गए 2,50,000 लोगों की याद में बने रवांडा के नरसंहार स्मारक केंद्र भी पहुंचे. यह स्मारक हिंसा के क्रूरतम कृत्य के पीड़ितों के सम्मान में बनाया गया है.

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रवांडा में ग्रामीणों को गाय भेंट करते पीएम मोदी रवांडा में ग्रामीणों को गाय भेंट करते पीएम मोदी

जावेद अख़्तर

  • किगाली,
  • 24 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 2:23 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रवांडा के दौरे पर आज रवेरू गांव जाकर वहां के लोगों को 200 गाय भेंट की. पीएम मोदी ने रवांडा सरकार की एक कल्याणकारी योजना 'गिरिंका कार्यक्रम' के तहत ये गाय गिफ्ट की हैं, जिन्हें रवांडा से ही खरीदा गया है.

दरअसल, रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे ने गरीब परिवारों की मदद के मकसद से इस राष्ट्रीय सामाजिक संरक्षण प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसके तहत हर गरीब परिवार को एक गाय दी जाती है. ऐसे में रवेरू मॉडल गांव जाकर पीएम मोदी ने उन परिवारों को गाय भेंट की, जिन्हें अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया था.

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गाय भेंट करते वक्त पीएम मोदी ने इस स्कीम के लिए वहां के राष्ट्रपति पॉल कगामे की तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत की जनता भी इस बात को लेकर आश्चर्यचकित है कि यहां इतनी दूर गाय को इतनी महत्ता दी जाती है और गांवों में आर्थिक तरक्की का एक जरिया है.

बता दें कि रवांडा में एक दूसरे को गाय भेंट करना परंपरा का हिस्सा रही है. जिसे सम्मान और प्यार का प्रतीक माना जाता है. इस प्रोग्राम की शुरुआत 2006 में हुई थी. जिसके बाद से 2016 तक 2 लाख 48 हजार 566 गाय गरीबों को दी चुकी हैं.

स्मारक गए पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1994 नरसंहार में मारे गए 2,50,000 लोगों की याद में बने रवांडा के नरसंहार स्मारक केंद्र भी पहुंचे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट में कहा, 'मार्मिकता के साथ दिन की शुरुआत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किगाली में नरसंहार स्मारक केंद्र का दौरा किया. स्मारक हिंसा के क्रूरतम कृत्य के पीड़ितों के सम्मान में बनाया गया है.'

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उन्होंने कहा कि यह मेल-मिलाप की सराहनीय एवं अनुकरणीय प्रक्रिया का प्रतीक भी है जिसकी शुरुआत रवांडा ने की है. रवांडा नरसंहार तुत्सी और हुतु समुदाय के लोगों के बीच हुआ एक जातीय संघर्ष था. इसमें तुत्सी विरोधी नरसंहार के 2,50,000 पीड़ितों की कब्रें हैं. इसमें 1994 नरसंहार से जुड़ी प्रदर्शनी भी हैं.

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