अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया. उन्होंने कोरोना, कोरोना टीके, लोकतंत्र समेत विभिन्न मुद्दों का जिक्र किया. साथ ही आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा प्रहार करते हुए दो टूक कहा कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंक को बढ़ाने के लिए न किया जाए. उन्होंने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि जो भी देश आतंक का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी यह समझना चाहिए कि यह उनके लिए भी खतरा है. यूएनजीए में अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिन अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की थी. दोनों के बीच कोरोना, क्लामेट चेंज, आतंकवाद समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई थी. दोनों के बीच जबरदस्त बॉन्डिंग देखी गई थी. अमेरिका दौरे के पहले दिन पीएम मोदी ने अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस से भी मुलाकात की थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ग्लोबल सिटिजन लाइव' को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हमने सामूहिक भावना की झलक तब देखी जब हमारे कोविड-19 योद्धाओं- डॉक्टरों, नर्सों, चिकित्सा कर्मचारियों ने महामारी से लड़ने में अपना सर्वश्रेष्ठ दिया. हमने रिकॉर्ड समय में नए टीके बनाने वाले वैज्ञानिकों और इनोवेटर्स में यह भावना देखी. उन्होंने कहा, ''पिछले दो सालों से मानवता इस वैश्विक महामारी से जूझ रही है. महामारी से लड़ने के हमारे साझा अनुभव ने हमें सिखाया है कि जब हम साथ होते हैं तो हम मजबूत और बेहतर होते हैं. हमारे प्रयासों में बैंक रहित लोगों को बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाना, लाखों लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज प्रदान करना, 50 करोड़ से अधिक भारतीयों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना शामिल है.'' (रिपोर्ट: पॉलोमी साहा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका का दौरा खत्म हो गया है. वे जॉन एफ कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वापस भारत के लिए रवाना हो गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने इस तीन दिवसीय दौरे में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस समेत विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की. इसके अलावा, उन्होंने क्वाड देशों की बैठक में हिस्सा लिया और संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित किया.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की. साथ ही उन्होंने लोगों से हाथ मिलाया. इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने भारत माता की जय के नारे लगाए.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान का बिना नाम लिए हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखा हमला बोला. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो आतंकवाद का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके लिए भी खतरा बना हुआ है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर भी कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना काफी जरूरी है कि अफगानिस्तान के क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए न हो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, ''कोरोना महामारी ने दुनिया को सिखाया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को और विविधतापूर्ण बनाया जाए, इसलिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं का विस्तार बहुत महत्वपूर्ण है. हमारा 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' इसी भावना से प्रेरित है. स्वतंत्रता के 75 वर्ष के अवसर पर भारत भारतीय छात्रों द्वारा बनाए गए 75 उपग्रहों को अंतरिक्ष में लॉन्च करने जा रहा है.''
संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के सामने चरमपंथ का खतरा बढ़ता जा रहा है. वैज्ञानिक दृष्टिकोण, प्रगतिवादी सोच को बढ़ाना जरूरी हो गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएनजीए में कहा कि सेवा परमो धर्म: के तहत भारत वैक्सीनेशन में जुटा हुआ है. भारत ने दुनिया की पहली डीएनए आधारित वैक्सीन का निर्माण कर लिया है. साथ ही फिर से वैक्सीन का एक्सपोर्ट भी शुरू हो चुका है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और मैं प्रतिनिधित्व कर रहा हूं. उन्होंने कहा, ''इसी साल 15 अगस्त को भारत ने आजादी के 75वें साल में प्रवेश किया है. हमारी विविधता हमारे मजबूत लोकतंत्र की पहचान है.''
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन शुरू हो गया है. पीएम मोदी ने कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि दुनिया इस समय सबसे बड़ी महामारी से लड़ रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क में स्थित यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली पहुंच गए हैं. वह कुछ देर में संबोधन शुरू करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया है. पीएमओ ने जानकारी दी है कि कुछ देर में प्रधानमंत्री मोदी यूएनजीए को संबोधित करने जा रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ देर में यूनाइटेड नेशन जनरल असेंबली को कुछ देर में संबोधित करेंगे. भारतीय समुदाय के लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है. न्यूयॉर्क में बड़ी संख्या में लोग होटल के बाहर खड़े दिखाई दिए. इस दौरान उनके हाथों भारत और अमेरिका के झंडे थे.
क्वाड के चार देशों ने कोरोना वायरस के खिलाफ जारी दुनिया की लड़ाई में इंडो-पैसिफिक देशों को तकरीबन आठ करोड़ वैक्सीन की सप्लाई की है. क्वाड देशों में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं. इन देशों ने इंडो-पैसिफिक रीजन के लिए कुल 1.2 बिलियन वैक्सीन डोज डोनेट करने का संकल्प लिया है. क्वाड नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी करके कहा कि कोवैक्स के जरिए से क्वाड ग्रुप ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षित और प्रभावी कोविड टीके की 1.2 बिलियन से अधिक खुराक दान करने का संकल्प लिया है. और आज तक, हमने उन प्रतिबद्धताओं के हिस्से के रूप में इंडो-पैसिफिक के देशों में लगभग 79 मिलियन सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्ता वाली वैक्सीन की डोज डोनेट की हैं.
भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अमेरिका के प्रयासों और पेरिस समझौते में उसकी वापसी का स्वागत किया है. एक दिन पहले ही व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई थी. राष्ट्रपति बाइडेन ने व्हाइट हाउस के ओवल दफ्तर में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बातचीत में, 2030 तक 450 गीगावॉट रिनेवेबल एनर्जी स्थापित करने के घरेलू लक्ष्य को प्राप्त करने के भारत के इरादे के लिए समर्थन व्यक्त किया था. बयान में कहा गया है कि भारत ने जलवायु परिवर्तन और पेरिस समझौते में उसकी वापसी पर अमेरिकी नेतृत्व का स्वागत किया है.
पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर हैं. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की. एक आधिकारिक संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका व्यापार मामलों पर चर्चा कर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के उद्देश्य से 2021 के अंत से पहले भारत-अमेरिका व्यापार नीति फोरम को फिर से संगठित करने की ओर देख रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पहली आमने-सामने की बैठक में अमेरिका में भारतीय समुदाय से जुड़े कई मुद्दों को उठाया, जिसमें भारतीय पेशेवरों की अमेरिका में पहुंच और एच -1 बी वीजा का मुद्दा शामिल है. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस बारे में जानकारी दी.
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ अपनी पहली व्यक्तिगत बैठक में संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार और आर्थिक संबंधों को विकसित करने पर बल दिया. राष्ट्रपति बाइडेन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया. ओवल ऑफिस में दोनों नेताओं की मुलाकात निर्धारित 60 मिनट के बजाय 90 मिनट से ज्यादा चली.
2 साल बाद व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी के साथ स्वागत हुआ. सबकी निगाहें इस बात पर लगी थीं कि अमेरिका में सरकार बदल जाने के बाद मोदी का कैसे स्वागत होगा, लेकिन व्हाइट हाउस से सामने आई पीएम मोदी और बाइडेन की तस्वीर ने दोस्ती के नए दौर पर मुहर लगा दी.
पीएम मोदी तीन दिवसीय अमेरिकी यात्रा पर हैं. अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की थी. इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें लकड़ी की दस्तकारी वाले फ्रेम में उनके नानाजी से संबंधित पुरानी अधिसूचनाएं और ‘‘मीनाकारी'' शतरंज का एक सेट भेंट किया. हैरिस के नानाजी भारत सरकार में एक अधिकारी थे.