पाकिस्तान की अदालत ने कहा- जाधव के मामले में भारत करे सहयोग

कुलभूषण जाधव की मौत की सजा के मामले की सुनवाई कर रहे एक पाकिस्तानी कोर्ट ने भारत से कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने के लिए कहा है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि अदालत में पेश होने का मतलब संप्रभुत्ता में छूट नहीं है.

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कुलभूषण जाधव मामले में मांगा सहयोग (फाइल फोटो) कुलभूषण जाधव मामले में मांगा सहयोग (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • इस्लामाबाद,
  • 06 मई 2021,
  • अपडेटेड 5:40 PM IST
  • भारत से कानूनी कार्यवाही में सहयोग मांगा
  • इस्लामाबाद हाई कोर्ट में चल रही केस की सुनवाई
  • पाकिस्तान की अदालत ने 2017 में सुनाई थी मौत की सजा

कुलभूषण जाधव की मौत की सजा के मामले की सुनवाई कर रहे एक पाकिस्तानी कोर्ट ने भारत से कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने के लिए कहा है. कोर्ट ने साथ ही कहा कि अदालत में पेश होने का मतलब संप्रभुत्ता में छूट नहीं है.

असल में, इस्लामाबाद हाई कोर्ट के तीन सदस्यों वाली पीठ ने बुधवार को पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्रालय की याचिका पर सुनवाई शुरू की. इसमें कुलभूषण जाधव के लिए वकील नियुक्त करने की मांग की गई है.

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डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने पीठ को बताया कि अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (ICJ) के फैसले का पालन करने के लिए पाकिस्तान ने पिछले साल सीजे (समीक्षा एवं पुनर्विचार) अध्यादेश 2020 लागू किया ताकि कुलभूषण जाधव  वैधानिक मदद पा सकें. 

अटॉर्नी जनरल खालिद जावेद खान ने कहा कि भारत सरकार जानबूझ कर अदालत की सुनवाई में शामिल नहीं हुई और पाकिस्तान की एक अदालत के समक्ष मुकदमे पर आपत्ति जता रही है और उसने आईएचसी की सुनवाई के लिए वकील नियुक्त करने से भी इनकार करते हुए कहा कि यह संप्रभु अधिकारों का आत्मसमर्पण करने के समान है. अब मामले की सुनवाई 15 जून तक के लिए स्थगित कर दी गई है. 

बता दें कि कि भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोपों पर अप्रैल 2017 में मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत ने अंतरराष्ट्रीय अदालत का रुख किया था और पाकिस्तान द्वारा राजनयिक पहुंच नहीं दिए जाने और मौत की सजा को चुनौती दी थी.

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हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय अदालत ने जुलाई 2019 में दिए फैसले में कहा था कि पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को दोषी ठहराने के फैसले और सजा की प्रभावी तरीके से समीक्षा और पुनर्विचार करे. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने पाकिस्तान को बिना देरी के भारत को राजनयिक पहुंच मुहैया कराने को कहा था. आईसीजे ने अपने फैसले में कहा था कि पाकिस्तान कूलभूषण जाधव को सैन्य अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए उचित मंच मुहैया कराये.


 

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