कश्मीर पर पहले परमाणु बम की धमकी, अब इमरान के विदेश मंत्री का शांति राग

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक बार फिर से भारत पर बयान दिया है. अपने पिछले बयान के बाद विदेश मंत्रालय को सफाई देनी पड़ी थी.

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शाह महमूद कुरैशी (फोटो- फेसबुक) शाह महमूद कुरैशी (फोटो- फेसबुक)

भारत सिंह

  • मुल्तान,
  • 22 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 12:15 PM IST

पाकिस्तान के विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने ईद के मौके पर पत्रकारों के साथ बातचीत में कश्मीर का जिक्र किया है. उन्होंने कहा है कि कश्मीर के मामले को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा.

कुरैशी ने कहा कि कश्मीर में कत्लेआम जारी है. उन्होंने कहा, 'बात ये है कि कश्मीर की हालत दुनिया से अलग है. ये हकीकत है. वहां जो राजनीतिक आंदोलन हैं, इंसानी हुकूक के मामले हैं, उससे दुनिया वाकिफ है.'

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उन्होंने आगे कहा, 'हिंदुस्तान से बहुत सी आवाजें आ रही हैं, जिनमें कहा जा रहा है कि हमारी पॉलिसी कामयाब नहीं हुई. इनमें सियासतदां भी शामिल हैं.'

कुरैशी ने इसके साथ ही कहा, 'हमारी कोशिश है कि हमारे बीच के मामलों को बातचीत के जरिए हल करने की कोशिश करें.' कुरैशी इससे पहले भी पत्रकारों के साथ बातचीत करने के दौरान दोनों देशों में चर्चा में आ गए थे.

बता दें कि विदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभालते ही शाह महमूद कुरैशी भारत पर बोलते हुए परमाणु बम तक पहुंच गए. पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, शाह महमूद ने अपने संबोधन में कहा, 'मैं भारत के विदेश मंत्री को बताना चाहता हूं कि हम सिर्फ पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि परमाणु शक्तियां भी हैं. हम दोनों के पास बहुत सारी समान चीजें हैं.'

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इसके अलावा, कुरैशी ने मीडिया से पहली बातचीत में पीएम मोदी के इमरान खान को लिखे पत्र का जिक्र किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि मोदी ने इमरान खान के साथ बातचीत की पेशकश की थी. हालांकि, भारत सरकार की ओर से ऐसे किसी प्रस्ताव का खंडन किए जाने के बाद उन्होंने अपनी बात से किनारा कर लिया था.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया था कि पीएम मोदी ने पड़ोसी देश के पत्र में 'वार्ता की पेशकश' नहीं की थी. पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया था कि विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह नहीं कहा था कि 'भारतीय प्रधानमंत्री ने वार्ता की पेशकश की है'. लेकिन उन्होंने कहा था कि मोदी ने खान को लिखे पत्र में कुछ इसी तरह का जिक्र किया जैसा विदेश मंत्री ने पहले स्पष्ट किया था कि 'रचनात्मक बातचीत के जरिए ही आगे बढ़ा जा सकता है.'

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा था कि पाकिस्तान सभी मुद्दों को हल करने के लिए भारत के साथ परस्पर लाभकारी, बेरोक-टोक वार्ता के लिए उत्साहित है.

प्रवक्ता ने मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा था, ' गलत है और जिम्मेदार पत्रकारिता की भावना के खिलाफ है.'

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