पाकिस्तान में आम चुनाव के बाद आए परिणाम के आधार पर पीटीआई के नेता इमरान खान का देश का अगला प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है. जीत के बाद पहली बार जनता के सामने आए इमरान अपने विजयी भाषण में नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल वाला स्टाइल अपनाते नजर आए.
ने अपने भाषण में भारत को लेकर कोई गर्मजोशी भले ही नहीं दिखाई, लेकिन उनके अपने संबोधन की शुरुआत और उसे आगे बढ़ाने के अंदाज को सुनकर लगता है कि उन्होंने वर्तमान भारतीय राजनीति के 2 बड़े नेताओं (मोदी और केजरीवाल) के विजयी भाषण पर काफी रिसर्च किया है और उसी अंदाज में पाकिस्तान की अवाम के सामने पेश आए.
ने अपने विजयी भाषण की शुरुआत अपने राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए की. उन्होंने देश के सपने को पूरा करने का वादा किया. उन्होंने अपने भाषण में गरीबी, महिलाओं की बदहाली, लोकतंत्र की मजबूती की बात कही. उन्होंने भ्रष्टाचार के जाल में फंसे देश को इस बीमारी से दूर करने का वादा किया.
साथ ही ने अपने भाषण में पूर्व नेताओं की अप्रत्यक्ष तरीके से आलोचना की और उन्होंने देश के पिछड़ेपन और गरीबी के लिए उन्हें और उनकी फिजूलखर्ची को दोषी करार दिया. यह भी कहा कि वह किसी भी नेता के खिलाफ रंजिशन व्यवहार नहीं करेंगे और सादगी का जीवन जीएंगे. इमरान ने वादा किया कि वह गरीबी दूर करने और उनकी जिंदगी बेहतर करने की कोशिश करेंगे.
इससे पहले, 2014 के आम चुनाव में बंपर जीत के बाद जब ने अपने पहले संबोधन में करीब-करीब इन्हीं मामलों को छुआ था. तब उन्होंने 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा दिया. साथ ही लोकतंत्र में कोई दुश्मन नहीं की बात कही. खुद को देश का चौकीदार कहा. 70 साल से गरीबी रहने की बात कही, महिलाओं का मुद्दा उठाया, भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया. विदेश में बसे भारतीयों का जिक्र किया. उन्होंने इस जीत के लिए ऊपरवाले को धन्यवाद किया.
इसी तरह में दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में सबसे पहले ऊपरवाले का शुक्रिया किया. दिल्ली की जनता की सेवा करने का वादा किया. उन्होंने भी सादगी के साथ रहने का वादा किया. अपने संघर्ष का जिक्र भी किया था. जीत के बाद अपने विपक्षियों पर निशाना साधा लेकिन बदले की भावना से काम नहीं करने की बात भी की. केजरीवाल ने भी भ्रष्टाचार खत्म करने का वादा किया था.
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