अमेरिका और पाकिस्तान के बीच पाकिस्तान से वापस भेजे जा रहे अफगानिस्तानियों की एक सूची को लेकर भारी मतभेद खड़ा हो गया है. अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ अफगान नागरिकों की एक सूची साझा की थी और उन्हें अफगानिस्तान वापस नहीं भेजने का अनुरोध किया था लेकिन पाकिस्तान ने सूची पर आपत्ति जताई है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका ने जो सूची साझा की है, उसमें कई गलतियां हैं और वो अधूरी है.
पाकिस्तान की सरकार अवैध रूप से देश में रह रहे अफगानियों को निकाल रही है. सरकार ने अफगानियों को पाकिस्तान छोड़ने के लिए 31 अक्टूबर का समय दिया था और अब जबकि यह समय सीमा समाप्त हो गई है, सरकार अवैध रूप से पाकिस्तान में रह रहे अफगानियों को गिरफ्तार कर रही है.
अमेरिका ने पाकिस्तान की सरकार के साथ 25,000 अफगानियों की एक सूची साझा की थी और कहा था कि इन लोगों को वापस अफगानिस्तान न भेजा जाए क्योंकि तालिबान की सरकार उनपर बदले की कार्रवाई कर सकती है. अमेरिका के मुताबिक, सूची में शामिल लोगों ने तालिबान पर कार्रवाई के दौरान अमेरिका का साथ दिया था. तालिबान ने जब अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर कब्जा किया तब ये सभी लोग पाकिस्तान भाग आए थे.
ये लोग अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना से किसी न किसी तरह जुड़े थे और इन्हें अमेरिका की तरफ से विशेष वीजा दिया जाना है. हालांकि, अमेरिका ने अब तक इन्हें वीजा नहीं दिया है और ये पाकिस्तान में ही रह रहे हैं. अगर इन्हें वापस अफगानिस्तान भेजा जाता है तो तालिबान इनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है.
पाकिस्तान को सूची पर आपत्ति
हालांकि, पाकिस्तान अमेरिका की इस सूची को लेकर कह रहा है कि इसमें बहुत सी गलतियां हैं और यह अधूरी है क्योंकि इसमें पूरी जानकारी नहीं दी गई है.
एक वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पाकिस्तान के अखबार, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया कि अमेरिकी सूची में उन लोगों के भी नाम शामिल कर दिए गए हैं जो अफगानिस्तान के नागरिक नहीं हैं.
अधिकारी ने कहा, 'सूची में अफगान नागरिकों का पूरा विवरण शामिल नहीं है. कुछ मामलों में तो अमेरिका ने बिना ज्यादा जानकारी दिए या किसी पहचान के बेतरतीब ढंग से नाम साझा किए हैं.'
यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की आपत्तियों के बाद अमेरिका सूची में संशोधन करने पर सहमत हो गया है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा है पाकिस्तान उन लोगों को ही वापस उनके देश भेज रहा है जो पाकिस्तान के इमिग्रेशन कानूनों का उल्लंघन कर पाकिस्तान में रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का वीजा समाप्त हो गया है या फिर जिन लोगों के पास पाकिस्तान में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं है, उन्हें सरकार वापस भेज रही है.
अमेरिकी सूची के संबंध में बलूच ने कहा कि पाकिस्तान इसे लेकर अमेरिका और संबंधित देशों के संपर्क में है. उन्होंने बताया कि सूची में शामिल लोगों को तीसरे देश में पुनर्वासित किया जाएगा जिसमें अमेरिका भी शामिल है.
उन्होंने कहा, 'हम चर्चा कर रहे हैं और पाकिस्तान ने इन सरकारों पर अपनी वीजा प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए दबाव डाला है ताकि वे बिना किसी देरी के वहां पहुंच सकें.'
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की तरफ से जारी सूची में नाम शामिल हो जाने का मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि ये देश शामिल व्यक्ति को वीजा जारी करने के लिए राजी हो गए हैं बल्कि अभी यह प्रक्रिया चल रही है.
aajtak.in